नई दिल्ली: देश का नंबर 1 दुश्मन तहव्वुर हुसैन राणा भारत लाया जा चुका है, आतंकी को भारत लाने के बाद सबसे पहले पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से NIA को इसकी 18 दिन की कस्टडी मिली है. कस्टडी के दौरान NIA को तहव्वुर से काफी सारे राज उगलवाने हैं. दुश्मन देश की साजिश का भी खुलासा करना है, इसीलिए इससे पूछताछ काफी अहम होने वाली है, और ये पूछताछ करने की जिम्मेदारी DIG जया रॉय को मिली है, लेकिन अब ये जानना भी जरूरी है कि इसके लिए जया रॉय को ही क्यों चुना गया? इनके ऊपर एक मूवी भी बनाई जा चुकी है, तो आखिरकार जया रॉय कौन हैं जिन पर NIA को इतना भरोसा है?
कौन हैं जया रॉय?
जया रॉय झारखंड कैडर से 2011 की IPS अधिकारी हैं, फिलहाल वो NIA में DIG की पोस्ट पर तैनात हैं, 2019 में ही जया को चार साल के लिए सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर जांच एजेंसी में प्रतिनियुक्ति मिली थी. हालांकि फिलहाल वो DIG के पद पर हैं, दरअसल पहले जया रॉय को 4 साल के लिए SP की पोस्ट पर तैनाती मिली थी जिसे बाद में बढ़ा दिया गया. जामताड़ा में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के बाद जया रॉय काफी फेमस हुई थीं. जया रॉय ने जो जामताड़ा में क्राईम का सफाया किया था, उस ऑपरेशन के ऊपर जामताड़ा नाम से वेब सीरीज भी बनाई जा चुकी है.
तहव्वुर को भारत लाने में अहम योगदान
जया रॉय का काम सिर्फ इतना ही नहीं है, इनती जाबांजी को देखते हुए NIA ने जया रॉय को और भी कई खतरनाक काम दिये हैं, लेकिन तहव्वुर राणा को भारत लाने के ऑपरेशन में भी इनकी बेहद अहम भूमिका रही है, दरअसल, NIA ने इस मोस्ट वान्टेड आतंकी को भारत लाने की जिम्मेदारी दो अधिकारियों को सौंपी थी, जिनमें से पहले अधिकारी हैं IG आशीष बत्रा, और दूसरी आधिकारी हैं खुद DIG जया रॉय. अपने इस मिशन को जया और आशीष ने बखूबी पूरा भी किया.
तहव्वुर से पूछताछ करेंगी जया रॉय
अब तहव्वुर से पूछताछ करने की जिम्मेदारी भी जया रॉय को ही मिली है. सूत्रों के मुताबिक इस आतंकी से पूछताछ करने वाली टीम को लीड करने की जिम्मेदारी जया रॉय को ही मिली है, जिसके लिए उन्होंने कई सारे सवाल पहले से ही रेडी कर लिये हैं. इन सवाल-जवाब में मुंबई हमले में पाकिस्तानी सरकार का कितना बड़ा हाथ था? इस बात पर सबसे ज्यादा चर्चा होने वाली है. क्योंकि तहव्वुर से पूछतछ में भारत हर हाल में पाकिस्तान का आतंकी चेहरा दुनिया को दिखाना चाहता है, ऐसे में अगर ये आतंकवादी सबकुछ सच-सच बताएगा तो आतंक के आका पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा.
तहव्वुर से पूछतछ के लिए बनेगी डायरी
NIA जब तहव्वुर हुसैन से पूछताछ करेगी तो इस दौरान एक डायरी भी तैयार की जाएगी, इस डायरी में हर दिन का रिकॉर्ड रखा जाएगा, और जब पूछताछ खत्म होगी तो उस डायरी को डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के तौर पर रिकॉर्ड में भी लिया जाएगा, ये सब केस डायरी का ही एक हिस्सा होता है.