इटावा: सोशल मीडिया पर अपनी रील्स और ग्लैमरस लाइफस्टाइल के जरिए हजारों फॉलोअर्स बटोरने वाली इन्फ्लुएंसर शिवांगी यादव उर्फ अश्वी यादव अब संगीन आपराधिक आरोपों के चलते पुलिस की रडार पर है। करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने और ब्लैकमेल करने के मामले में अदालत के दखल के बाद पुलिस ने शिवांगी समेत 6 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी इन्फ्लुएंसर फरार हो गई है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी और करोड़ों की मांग
जसवंतनगर निवासी आशुतोष उर्फ टोनू यादव ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि शिवांगी यादव ने उसकी निजी और संवेदनशील तस्वीरें हासिल कर लीं। इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर उसने पहले ही उससे 1.5 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। इसके बावजूद शिवांगी की मांगें खत्म नहीं हुईं और वह लगातार 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रंगदारी मांगते हुए दबाव बना रही थी।
टोनू के अनुसार, लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उसने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। पीड़ित टोनू यादव का भाई सोनू यादव क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि है।
शिवांगी समेत 6 पर एफआईआर दर्ज
अदालत के निर्देश के बाद इटावा पुलिस ने फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी शिवांगी यादव के अलावा नीतू सिंह यादव, शिवम यादव, गीतांजलि जादौन, अभिषेक यादव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फायरिंग और क्रॉस केस से उलझा मामला
यह विवाद केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच पहले से रंजिश चल रही है। कुछ समय पूर्व शिवांगी यादव के घर में घुसकर फायरिंग करने की घटना भी सामने आई थी। उस मामले में फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में आशुतोष उर्फ टोनू यादव समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को जेल भेजा था। एसएसपी के अनुसार, दोनों पक्ष लंबे समय से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे और थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती पत्र दे रहे थे।