कौन हैं ज्योत्सना सिंह, जिन्हें अखिलेश यादव ने राजा भैया के सामने खड़ा किया?

Abhishek Chaturvedi 06 Jan 2026 06:42: PM 2 Mins
कौन हैं ज्योत्सना सिंह, जिन्हें अखिलेश यादव ने राजा भैया के सामने खड़ा किया?

नई दिल्ली: राजा भैया के गढ़ में साइकिल की रफ्तार क्या 2027 में बढ़ने वाली है, और राजा भैया को झटका लगने वाला है, या फिर कुंडा में कुंडी लगाने का अखिलेश का सपना एक बार फिर टूटने वाला है...उनकी ही पार्टी के नेता गुलशन यादव पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो इस बार अखिलेश कुंडा में एक महिला नेता को उतारने की तैयारी है...ऐसी ख़बरें हैं कि वहां से ज्योत्सना सिंह को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है...जिसे लेकर लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ये ज्योत्सना सिंह हैं कौन, जो चुनावी मैदान में 7 बार के विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया को टक्कर देंगी...

कौन हैं ज्योत्सना सिंह

  • राजस्थान के एलेन इंस्टीट्यूट से शुरुआती पढ़ाई की
  • एमिटी यूनिवर्सिटी से इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री ली
  • साल 2016 में सपा की सदस्य बनीं, राजनेता बनीं
  • 2022 से सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेना शुरू किया
  • इनके पिता प्रतापगढ़ सदर सीट से ब्लॉक प्रमुख रहे हैं
  • इनकी मां भी सदर ब्लॉक की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रही हैं
  • फिलहाल सपा महिला सभा, प्रतापगढ़ की जिलाध्यक्ष हैं

यानि ज्योत्सना सिंह को सियासत विरासत में मिली है, सपा सांसद प्रिया सरोज से इनकी अच्छी दोस्ती है...प्रतापगढ़ में गुलशना यादव के जेल जाने के बाद सपा के पास कोई बड़ा चेहरा फिलहाल नजर नहीं आत..ऐसे में महिला वोटबैंक को साधने और वहां सपा को मजबूत करने के लिए अखिलेश यादव ज्योत्सना सिंह को टिकट देना का दांव चल सकते हैं...ऐसा ही इशारा इन्होंने पार्टी मीटिंग में किया भी है, जिसका दावा कई मीडिया रिपोर्ट में किया जा रहा है...पर सवाल उठता है क्या ज्योत्सना सिंह राजा भैया को टक्कर दे पाएंगे..इसे समझने के लिए साल 2022 के विधानसभा चुनाव के समीकऱण को समझना होगा...

  • साल 2022 के चुनाव में राजा भैया को कुल 76,620 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी गुलशन यादव को केवल 49,867 वोट मिला.
  • उससे पहले 2017 के चुनाव राजा भैया को 1 लाख से ज्यादा वोट मिले थे, लेकिन सातवीं बार राजा जब जीते तो मार्जिन कम हो गया.
  • सपा ने इस सीट पर लंबे समय के बाद उम्मीदवार उतारा था, और वोट ठीक-ठाक मिले तो अब नजर कुंडा सीट पर है
  • लेकिन सपा के सामने चुनौती ये है कि राजा भैया साल 1993 से लगातार वहां से जीत रहे हैं, उनका अपना वोटबैंक है

इस वोटबैंक का तोड़ ढूंढना सपा के लिए मुश्किल होगा, क्योंकि सामने उम्मीदवार चाहे कोई भी हो, किसी भी बैकग्राउंड से हो, राजा भैया के खिलाफ चाहे जो भी प्रचार कर ले, बीते 32 साल से वहां की जनता रघुराज प्रताप सिंह को ही जीताकर सदन पहुंचा रही है...यहां तक कि मायावती जब यूपी की सत्ता में आईं, और उन्होंने राजा भैया को जेल में डाला, तब भी वो ये सिलसिला तोड़ नहीं पाईं थीं...तो क्या ज्योत्सना सिंह राजा भैया के गढ़ में सपा का परचम लहरा पाएंगी, ये अभी से नहीं कहा जा सकता...अखिलेश यादव ज्योत्सना पर ही भरोसा क्यों जता रहे हैं, इसके पत्ते खुलने अभी बाकी है, चुनावी ऐलान के बाद, जब टिकटों का बंटवारा होगा तब इसकी कहानी शायद खुलकर सामने आए...फिलहाल आपको क्या लगता है, अपनी राय जरूर दें..

jyotsna singh raja bhaiya raja bhaiya vs jyotsna singh kunda seat

Recent News