ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रही हैं...जिसमें धनंजय सिंह के साथ कुछ ऐसे लोग दिख रहे हैं, जिन्हें यूपी एसटीएफ ने बीते दिनों गिरफ्तार किया है, मामला 100 करोड़ से ज्यादा का है, इसलिए जांच एजेंसियां हर छोटे-बड़े व्यक्ति का कुंडली खंगालने में जुटी है...नवभारत टाइम्स एक वीडियो के जरिए धनंजय सिंह से जुड़े 3 बड़े दावे करता है...
जांच में खुलासा हुआ कि अमित और शुभम जायसवाल हर साल दुबई और पटाया की यात्रा करते थे. ये लोग कफ सिरप की तस्करी करते थे, फर्जी बिल और ई-वे बिल बनाकर ये लोग कई राज्यों में फेंसिडिल की अवैध सप्लाई करते थे...इसका खुलासा फरवरी 2024 में हुआ था, जिसकी जांच करते-करते अब एसटीएफ ने अमित टाटा और शुभम जायसवाल को पकड़ा है....दावा ये तक किया जा रहा है कि शुभम जायसवाल विधान परिषद सदस्य बनने की कोशिश में था...वो बड़े नेताओं से संपर्क बनाने और बाहुबलियों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा था...जिसे लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीजेपी पर करारा निशाना साधते हुए कहा, ''बीजेपी माफियाजीवी पार्टी है. कभी एनकाउंटर माफिया, कभी कफ सिरप माफिया, कभी नीट माफिया, सब भाजपा में हैं.''
अखिलेश ने इन आरोपियों से जुड़े लोगों को लेकर भी सवाल खड़े किए, जिसके बाद जौनपुर से पूर्व सांसद धनंजय सिंह का पोस्ट सामने आया है, उन्होंने लिखा, ''मुझे पता है कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है. इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर माननीय प्रधानमंत्री जी के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. इस प्रकरण की जांच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी.''
''चूंकि यह मामला अंतर्राजीय है अतः माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जांच सीबीआई से कराई जाये जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके. आप सभी को मैं यह भी बताना चाहता हूं कि इस सम्बन्ध में मैं माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख रहा हूं जिससे भ्रामक खबर चलवाने तथा राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके.''
इनकी ये पोस्ट सामने आते ही सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं...चूंकि मामला कफ सिरप से जुड़ा है, सीधा-सीधा लोगों की सेहत और दवा से जुड़ा है, इसलिए एसटीएफ इस मामले की हर एंगल से जांच में जुटी है...