UP विधानसभा उपचुनाव में पुराने चेहरों पर कांग्रेस ने क्यों लगाया दांव? ये है रणनीति?

Global Bharat 31 Aug 2024 08:32 PM 1 Mins
UP विधानसभा उपचुनाव में पुराने चेहरों पर कांग्रेस ने क्यों लगाया दांव? ये है रणनीति?

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में सभी पार्टियां जी जान से लगी हुई हैं और किसी भी हाल में इन सीटों पर जीत हासिल करना चाहती है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने भी उत्तर-प्रदेश समेत कई राज्यों में अपने सचिवों की सूची जारी की है. इस सूची में राष्ट्रीय और संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की गई है. इसमें कुछ नए तो कई सारे पुराने चहरों पर फिर से दाव लगाया गया है. इस लिस्ट में 5 प्रभारी सिर्फ यूपी के लिए नियुक्त किए हैं.

यूपी की इस लिस्ट को रिपीट किया गया है. इस सचिवों पर उपचुनाव की बड़ी जिम्मेंदारी रहेगी...जिसमें उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के संगठन को मजबूत करने और यूपी में कांग्रेस के लिए नई जमीन तैयारी करना भी शामिल है. यूपी के साथ उत्तराखंड राज्य के लिए दो प्रभारी सचिवों की नियुक्ति की गई है. उत्तराखंड में परगट सिंह और सुरेंद्र शर्मा को प्रदेश प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है.

यूपी में कांग्रेस ने पांचों प्रभारियों के नाम रिपीट करने के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच कहा ये भी जा रहा है कि यूपी में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वापसी हो सकती है. उन्हें यूपी का प्रभारी बनाया जा सकता है. इतना ही नहीं प्रियंका गांधी भी यूपी के उपचुनाव की बागडोर संभालते हुए देखी जा सकती हैं, क्योंकि प्रियंका गांधी का यूपी की राजनीति में अच्छा खासा दखल देखने को मिलता है.

हालांकि वो पहले भी यूपी कांग्रेस की ज़िम्मेदारी संभाल चुकी है. यूपी उपचुनाव में इन बड़े नेताओं के मैदान में आने से सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर भी असर देखने को मिल सकता है. बता दें कि यूपी में विधानसभा कि दस सीटों पर उपचुनाव होना है, इनमें करहल, मिल्कीपुर, कुंदरकी, कटेहरी, मीरापुर, खैर, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां और सीसामऊ सीट शामिल हैं.

अब देखना ये होगा कि उपचुनाव में जीत किस पार्टी की होती है. क्योंकि गठबंधन पार्टी के अलावा मायावती भी इस बार बड़ा दाव खेल रहीं हैं और जीत का परचम लहराने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं. वहीं BJP भी लोकसभा चुनाव से सबक लेने के बाद इस बार नई रणनीति के साथ चुनाव में उतर रही है. 

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