भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लेकर बड़ा दावा किया है, जिसके बाद से इंडिया गठबंधन (India Coalition) में हलचल मची हुई है. भाजपा की तरफ से दावा किया गया है कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने के लिए इंडिया गठबंधन में मंथन चल रही है. भाजपा ने कहा है कि अगर इंडिया गठबंधन को लगता है कि राहुल गांधी जीत नहीं दिला सकते हैं तो उन्हे बदलाव जरूर करना चाहिए.
इसी बीच नई दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज (BJP MP Bansuri Swaraj) ने कहा है कि विपक्षी दलों में कई ऐसे नेता मौजूद हैं, जो राहुल गांधी से अच्छा कर सकते हैं. हालांकि बांसुरी स्वराज (Bansuri Swaraj) उन्होंने यह भी कहा है कि यह इंडिया ब्लॉक का आंतरिक मामला है, इसलिए फैसला भी उन्हें लेना होगा. वहीं भाजपा के दावों को लेकर इंडिया गंठबंधन की ओर से अभी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, इसलिए देश में राजनीतिक महौल गरम हो गया है. लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं कि अब इंडिया ब्लॉक का क्या होगा.
हालांकि विशेषज्ञों का दावा है कि कम से कम 10 फीसदी सीटों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी दल के सांसद को ही नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, ऐसे में राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे, ऐसी भी संभावना जताई जा रही है. वैसे भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है. विशेषज्ञों का यह भी दावा है कि राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं, जो सत्तारुढ़ बार्टी को बेहतर तरीके से जवाब दे सकते हैं.
वहीं पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य का कहना है कि सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद ही नेता प्रतिपक्ष बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी उस व्यक्ति को चुनती है, जिसे वह नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहते हैं और इसमें न तो सरकार और न ही लोकसभा स्पीकर की कोई भूमिका होती है. स्पीकर किसी भी सांसद को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता तभी देते हैं, जब उसका नाम सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी की ओर से सुझाया जाता है.