नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर "दो या तीन हफ्तों में" टैरिफ लगाने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन अभी तुरंत नहीं. यह बयान उन्होंने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के बाद दिया. फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी ने ट्रंप से पूछा, "आपने पहले पुतिन के लिए गंभीर परिणामों की बात की थी. मेरे दिमाग में यह था कि आपने हाल ही में चीन पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला टाला. क्या आप पहले से यह सोच रहे थे कि अगर जरूरत पड़ी तो यह परिणामों का हिस्सा हो सकता है?"
ट्रंप ने जवाब दिया, "आज की मुलाकात के बाद, मुझे लगता है कि अभी इस बारे में सोचने की जरूरत नहीं है. शायद दो या तीन हफ्तों में इस पर विचार करना पड़े, लेकिन अभी नहीं. मुझे लगता है कि मुलाकात बहुत अच्छी रही." ट्रंप और पुतिन ने अलास्का में तीन घंटे की निजी मुलाकात की, जो ट्रंप के कार्यकाल शुरू होने के बाद उनकी पहली उच्च-स्तरीय बैठक थी. कोई समझौता नहीं हुआ और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कुछ मिनटों की थी, लेकिन दोनों नेताओं ने अमेरिका-रूस संबंधों और यूक्रेन संघर्ष को लेकर सतर्क आशावाद जताया.
पुतिन ने कहा कि यह मुलाकात "लंबे समय से प्रतीक्षित" थी और दोनों देशों के संबंध "शीत युद्ध के बाद सबसे निचले स्तर" पर हैं. उन्होंने यूक्रेन को मुख्य मुद्दा बताया और उम्मीद जताई कि "यूक्रेन और यूरोपीय देश शांति प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेंगे." ट्रंप ने बातचीत को "बहुत उपयोगी" बताया, लेकिन कहा कि कई मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बनी.
उन्होंने दोहराया, "कोई समझौता तभी है, जब समझौता हो." ट्रंप ने कहा कि वह अगले कदमों के लिए नाटो नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बात करेंगे. मुलाकात बिना किसी बड़े समझौते के खत्म हुई. पुतिन ने अगली मुलाकात के लिए "मॉस्को में" न्योता दिया.
क्या भारत पर टैरिफ ने रूस को बातचीत के लिए प्रेरित किया?
ट्रंप ने दावा किया कि भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए लगाए गए टैरिफ ने रूस को अमेरिका से बातचीत के लिए प्रेरित किया. उनके मुताबिक, रूस अपने "दूसरे सबसे बड़े ग्राहक" को खोने से चिंतित है, जिसने इस मुलाकात को संभव बनाया. चीन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि हर चीज का असर पड़ता है. जब आप अपने दूसरे सबसे बड़े ग्राहक को खो देते हैं और शायद पहला भी खोने वाला हो, तो यह बातचीत को प्रभावित करता है."
हालांकि, भारत ने तेल खरीद बंद करने से इनकार किया है और कहा है कि उसके फैसले केवल आर्थिक आधार पर हैं. पिछले हफ्ते, ट्रंप ने भारत से अमेरिकी आयात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया. यह नियम 27 अगस्त से लागू होने वाला था. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन टैरिफ को "अनुचित और अव्यवहारिक" बताया था. कहा गया था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा.