रिश्वत देने के लिए नहीं थे पैसे, बाथरूम में बच्ची को देना पड़ गया जन्म, वह बच्ची भी नहीं रहीं

Global Bharat 01 Sep 2024 10:30: PM 2 Mins
रिश्वत देने के लिए नहीं थे पैसे, बाथरूम में बच्ची को देना पड़ गया जन्म, वह बच्ची भी नहीं रहीं

मध्य प्रदेश के छतरपुर में घूस देने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए एक महिला को बाधरूम में ही बच्ची को जन्म देना पड़ गया. दुख की बात यह है कि फर्श पर गिरने के कारण बच्ची की मौत हो गई. पीड़ितों ने अस्पताल प्रबंधन और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है. महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल की नर्स ने प्रसव कराने के लिए 2000 रुपए की मांग की थी और जब पैसे नहीं दिए तो, उसका इलाज नहीं किया गया.

इसी बीच प्रसव पीड़ा के कारण महिला को बाथरूम में ही बच्ची को जन्म देना पड़ गया और फर्श पर गिरने के कारण बच्ची की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि छतरपुर जिले के ईशानगर स्वास्थ्य केंद्र पर सलैया निवासी बालकिशन अपनी पत्नी का प्रसव कराने आए थे. वहीं अस्पताल में मौजूद नर्स से जब उन्होंने पत्नी को देखने के लिए कहा तो उसने 2000 रुपए की मांग की.

बालकिशन ने बताया कि उसके पास पैसे नहीं है, जिसपर स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद किसी ने भी उसकी पत्नी की मदद नहीं की. बालकिशन ने बताया कि प्रसव पीड़ा तेज होने कारण पत्नी को बाथरूम लेकर गए, जहां उन्होंने बच्ची को जन्म दिया और फर्श पर गिरने के कारण बच्ची के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई. बालकिशन ने कहा कि वह मजदूरी करता है अगर उसके पास पैसे होते तो वह घूस जरूर देता.

बालकिशन के साथ मौजूद एक अन्य महिला ने बताया कि वह अपनी देवरानी को लेकर अस्पताल पहुंची थी, जहां नर्स ने पैसे की मांग की, लेकिन उस वक्त हमारे पास पैसे नहीं थे. हम लोग हाथ-पैर जोड़ते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और हमें अस्पताल से बाहर जाने के लिए कह दिया गया. कुछ देर बाद उसकी देवरानी ने अस्पताल के बाथरूम में ही बच्ची को जन्म दे दिया.

उन्होंने कहा कि उसकी देवरानी चिल्लाती रही, लेकिन कोई भी नहीं आया और आखिरकार बच्ची की जान चली गई. इसी बीच स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर महिला के परिजन ईशानगर थाने पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन और नर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की. परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हुई है, इसलिए जिम्मेदार सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए. वहीं छतरपुर के सीएमएचओ आरके गुप्ता ने कहा कि वह अस्पताल पहुंचकर जांच कर रहे हैं, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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