Operation Sindoor: पाकिस्तान दुनियाभर से उधार लेकर आतंकवाद को पालने की आदत छोड़ नहीं रहा है, पहले IMF से कर्जा लिया, और ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए आतंकी अड्डों को बनाने के लिए हाफिज सईद और मसूद अजहर से वादा करता है, अजहर को 14 करोड़ देने का भरोसा भी दिलाता है, तो वहीं अब आतंक को पालने में पाकिस्तान के पैसे कम पड़ रहे थे जिसके बाद वो वर्ल्ड बैंक के पास पहुंचा है 20 अरब डॉलर का कर्जा लेने के लिए. इसमें भी बड़ी बात ये है कि उसे ये कर्जा जल्दी ही मिल भी सकता है. खबर ये सामने आ रही है कि जून में ‘आतंकिस्तान’ को वर्ल्ड बैंक से लोन मिल सकता है, हालांकि भारत इस लोन का पूरी तरह से विरोध कर रहा है, भारत ने विश्व बैंक से कहा है कि इस देश को लोन ना दिया जाए, क्योंकि ये उधारी के पैसे को आतंकवाद में खर्च करेगा!
IMF डील के बाद अब वर्ल्ड बैंक की लाइन में पाकिस्तान?
कुछ ही महीने पहले पाकिस्तान ने IMF से $3 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज हासिल किया था, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था ने अस्थायी रूप से राहत की सांस ली थी। लेकिन इस बार मदद का लोन उससे भी काफी ज्यादा बड़ा है. सूत्रों के मुताबिक 20 अरब डॉलर का लोन वर्ल्ड बैंक पाकिस्तान को आने वाले 5 सालों में किश्तों के रूप में देगा, जिससे पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को उबारने की कोशिश की जाएगी।
भारत ने जताई आपत्ति
भारत ने वर्ल्ड बैंक को कड़े शब्दों में लिखा है कि पाकिस्तान की नीतियां और ट्रैक रिकॉर्ड आतंकी संगठनों को समर्थन देने वाले हैं, और ऐसे में इतना बड़ा वित्तीय सहयोग क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। भारत के अनुसार, पाकिस्तान ने अभी तक न तो आतंकी ठिकानों पर कोई ठोस कार्रवाई की है और न ही FATF (Financial Action Task Force) की शर्तों का पूरी तरह पालन किया है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, “ऐसे समय में जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ बयानबाज़ी करता है और जमीन पर उनके संगठन खुला घूम रहे हैं, वर्ल्ड बैंक से आर्थिक मदद मिलना वैश्विक डबल स्टैंडर्ड को दर्शाता है।”
वर्ल्ड बैंक की दलील
विश्व बैंक का कहना है कि यह सहायता पाकिस्तान की गरीब जनता और विकास कार्यक्रमों के लिए है, न कि सैन्य या रणनीतिक उद्देश्यों के लिए। उन्होंने यह भी कहा है कि यह फंडिंग सख्त मॉनिटरिंग और पारदर्शिता के साथ जारी की जाएगी.