नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच में सीजफायर को लेकर पाकिस्तान में वार्ता होनी है. वार्ता को लेकर ईरानी डेलिगेशन ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में इस्लामाबाद पहुंचा है. इस्लामाबाद के लिए जाते समय ईरानी डेलिगेशन ने इमोशनल वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में विमान की खाली सीटों पर मिनाब स्कूल के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दिया किया गया है. वीडियो में मासूमों की तस्वीर के साथ ही उनके खून से सने हुए बैग नजर आ रहे हैं. ईरान ने इस तस्वीर को दिखाकर मिनाब स्कूल पर हुए हमले को याद दिलाया है. इजराइल और अमेरिका के हमले में मिनाब स्कूल के 168 बच्चे मारे गए थे.गालीबाफ ने सोशल मीडिया पर प्लेटफार्म एक्स (X) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि "इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब 168" वीडियो के अंदर खाली सीटों पर मीनार स्कूल पर हुए बच्चों की तस्वीरें हैं. उनके खून से सने हुए बैग हैं और उसके साथ ही एक-एक गुलाब के फूल है. जाहिर है कि 28 फरवरी को ईरान के मिनाब स्कूल पर हमला हुआ था. अमेरिकी सेना ने स्कूल पर मिसाइल से हमला किया था, जिसमें 168 स्कूली बच्चे व स्टॉफ मारे गए थे. हमले के बाद अमेरिका ने दावा किया था कि स्कूल के पास बने सैन्य ठिकानों पर हमले का मकसद था. ईरान ने इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया था.
दो नेवी अधिकारियों पर आरोप
स्कूल पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के दो नेवी अधिकारियों की तस्वीरें जारी की थी. इसमें कमांडर लाइ आर. टेट और एग्जीक्यूटिव अफसर जेफरी ई. यॉर्क है. तेहरान की ओर दावा किया गया कि स्कूल पर हमले के पीछे इन दो अधिकारियों का हाथ था. स्कूल पर हुए हमले के बाद ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में मुद्दा उठाया था और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी.
अमेरिका की नीयत नहीं है साफ : गालिबाफ
अमेरिका और ईरान के बीच में सीजफायर को लेकर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता होनी है, इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति के साथ ही ईरान असेंबली के स्पीकर शामिल हो रहे हैं. इस्लामाबाद में उतरने के बाद गालिबाफ ने साफ किया कि तेहरान बातचीत के लिए अच्छी नियत से यहां आया हुआ है. हालांकि, अमेरिका के ऊपर भरोसा नहीं है. अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव हमेशा नाकाम रहा है. बातचीत के दौरान भी समझौतों का उलंघन और ईरान पर हमले हुए हैं.