तेल अवीव: इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी इलाके में एक बार फिर हमला किया है. शनिवार को नबातीह के मेफादौन कस्बे में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू होने वाली है.
इस वार्ता में स्थायी सीजफायर पर चर्चा होने की संभावना है. ईरान का कहना है कि दो हफ्ते पहले जो सीजफायर हुआ था, उसमें लेबनान भी शामिल था. लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं था.
लेबनान पर लगातार हो रहे इजरायली हमलों के कारण ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में शामिल होने से पहले इनकार कर दिया था. बाद में इजरायल की ओर से लेबनान के साथ बातचीत शुरू करने की बात सामने आने के बाद ईरान तैयार हो गया. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बताया कि इजरायल के साथ सीधी बातचीत 14 अप्रैल से शुरू होगी.
इसमें अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा. लेबनान चाहता है कि हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए सीजफायर के तहत ही बातचीत हो. इजरायल ने भी लेबनान के अनुरोध पर सीधी बातचीत के लिए अपनी सहमति दे दी है. इस बीच लेबनान में इजरायली हमलों का सिलसिला जारी है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक करीब 40 दिनों में 1,900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इन हमलों में कई आम नागरिक और सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं. हाल ही में नबातीह में एक सरकारी सुरक्षा कार्यालय के पास हुए हमले में 13 अधिकारी मारे गए थे.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री से हमलों को कम करने की अपील की थी, लेकिन उसके बावजूद हमले जारी हैं.