US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच बेहद महत्वपूर्ण वार्ता होने जा रही है. इसी बैठक का नतीजा तय करेगा कि दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होता है या फिर फिर से सैन्य संघर्ष शुरू हो जाता है. पहले लेबनान पर इजरायल के हमलों के कारण ईरान ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में ईरान ने अपनी सहमति दे दी. अब दोनों पक्षों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं और वार्ता जल्द ही शुरू होने वाली है.
इस शांति वार्ता से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) बहुत जल्द दोबारा खुल जाएगी, चाहे ईरान इसमें सहयोग करे या न करे. ट्रंप ने शुक्रवार को चेतावनी भी दी थी कि अगर इस्लामाबाद में बातचीत नाकाम रहती है, तो अमेरिका एक बार फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
अमेरिका की ओर से वार्ता के लिए भेजा गया उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया है. इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ. ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. वार्ता शुरू होने से पहले ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान शांति वार्ता में सकारात्मक रुख नहीं अपनाता है, तो अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है.
न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर पाकिस्तान में होने वाली यह बैठक विफल हो गई, तो हम ईरान पर फिर हमले के लिए तैयार हो रहे हैं. हम अपने युद्धपोतों में दुनिया के सबसे बेहतरीन गोला-बारूद और हथियार भर रहे हैं. ये हथियार उससे भी ज्यादा शक्तिशाली हैं, जिनका इस्तेमाल हमने पहले किया था और जिनसे हम ईरान को बुरी तरह तबाह कर चुके हैं.
ट्रंप ने आगे कहा कि हम एक नई शुरुआत कर रहे हैं. हमारे जहाज अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हथियारों से लैस हो रहे हैं. अभी इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने वाली है. इस बैठक के नतीजे पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है. क्या दोनों देश शांति समझौते पर पहुंच पाएंगे या फिर तनाव और बढ़ेगा? अपडेट्स के लिए बने रहिए.