दिल्ली : नाबालिग से रेप करने में बाद जेल जाने से बचने के लिए शादी करने वाले युवक की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दिया है. नाबालिग लड़की ने सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती को सच्चा रिश्ता समझ लिया और धीरे-धीरे उसी जाल में फंसती चली गई. आरोप है कि युवक ने शादी का वादा कर उसे अपने विश्वास में लिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. इस दौरान लड़की को दो बार गर्भपात भी कराया. युवक की करतूत से अजीज आकर युवती ने मुकदमा दर्ज कराया. मुकदमा दर्ज होने के बाद युवक ने शादी का ढोंग किया और जेल से बाहर आ गया. शादी के बाद भी रिश्तों में मधुरता नहीं आने पर युवती ने कोर्ट में अपील की, जहां युवक की जमानत याचिका खारिज हो गई.
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है. नाबालिग ला स्टूडेंट को जाल में फंसाकर पहले रेप किया. शोषण से अजीज आकर लड़की ने युवक पर एफआईआर दर्ज कराई. एफआईआर दर्ज होने के बाद युवक ने लड़की से शादी कर ली. हालांकि, शादी के बाद भी रिश्तों में परिवर्तन नहीं होने पर युवती ने कोर्ट में गुहार लगाई. गुहार के बाद कोर्ट ने शादी को एक चाल करार दिया. न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया ने कहा कि यह शादी सिर्फ जेल जाने से बचने के लिए और जमानत पाने के लिए था.
न्यायमूर्ति ने कहा कि नाबालिग लड़की से बार-बार रेप करने के बाद शादी कर लेने के बाद भी अपराध से बरी नहीं किया जाएगा. जज ने जमानत याचिका खारिज कर दी. मुकदमा दर्ज कराने के बाद युवती के बदलते रुख पर भी कोर्ट ने हैरानी जताई. कोर्ट ने कहा कि लॉ स्टूडेंट होने के बाद भी युवती को एफआईआर के बारे में पता नहीं था. जज ने दोनों के बर्ताव को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. वहीं, शादी को सुनियोजित बताया है.
प्रासिक्यूशन के अनुसार दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ था. दोस्ती के बाद रेप और गर्भपात भी कराया गया. लड़की के बालिग होने के बाद युवक ने शादी से इंकार कर दिया. शादी से मना करने पर युवती ने एफआईआर दर्ज कराई. एफआईआर होने के बाद 2026 में दोनों ने शादी कर लिया. महिला के शादी करने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दिया. अतिरिक्त सरकारी वकील संजीव सभरवाल ने अर्जी का विरोध करते हुए महिला के ऊपर भी कार्रवाई की मांग की.