26 हजार मदरसों पर ताला जड़ सकती है योगी सरकार!

Global Bharat 24 Mar 2024 09:24: PM 3 Mins
26 हजार मदरसों पर ताला जड़ सकती है योगी सरकार!

क्या बदायूं वाले जावेद ने मदरसों का कोई ऐसा राज खोला है, जिसे सुनते ही योगी सरकार गुस्से से लाल हो उठी है, आखिर यूपी में इस बात की चर्चा क्यों होने लगी है कि योगी सरकार प्रदेश के 26 हजार मदरसों पर ताला लगाने जा रही है। तो इसे समझने के लिए आपको इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश को समझना होगा। जिसमें जज साहब ने कहा है कि यूपी बोर्ड का मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 असंवैधानिक है यह एक्ट धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करने वाला है। यूपी सरकार वर्तमान में मदरसा में पढ़ रहे छात्रों की आगे की शिक्षा के लिए योजना बनाने के लिए कार्य करें, जो मदरसे सरकारी खर्चे या सरकारी अनुदान पर चल रहे हैं, वो सरकारी पैसा लेकर मजहबी शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, ऐसा करना सही नहीं है।

इस फैसले के बाद मदरसों को मिलने वाली सरकारी सहायता न सिर्फ रुक जाएगी, बल्कि वहां पढ़ने वालों का बच्चों का एडमिशन भी अब दूसरे सरकारी स्कूलों में होगा। तो सवाल ये है कि क्या यूपी के सभी 26 हजार मदरसों पर ये फैसला लागू होगा तो इसका जवाब जानने के लिए हमने योगी सरकार में पूर्व मंत्री मोहसिन रजा का बयान सुना, जिन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकारी मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे स्कूलों में पढ़ाने के आदेश दिए हैं। यूपी में कुल 26 हजार मदरसे हैं, पर इनमें से सिर्फ 598 ही सरकारी मदरसे हैं। हाई कोर्ट का फैसला सिर्फ सरकारी मदरसों पर ही लागू होगा। बीजेपी ने इस फैसले का स्वागत किया है। 

हालांकि यूपी के मौलाना और उलेमा कह रहे हैं कि मदरसे बंद नहीं होना चाहिए लेकिन आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि मदरसे के बच्चों को राष्ट्रपति तक का नाम नहीं पता, उन्हें देशप्रेम की तो बात ही नहीं पढ़ाई जाती।

ये रिपोर्ट हरियाणा के मदरसे की है, लेकिन देशभर के मदरसों का हाल लगभग एक जैसा ही है, शायद इसीलिए यूपी सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। क्योंकि योगी सरकार ने बीते साल ही इस बात की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी कि यूपी के कितने मदरसों को विदेशी फंडिंग मिल रही है और तब जो जांच में खुलासा हुआ था, उसे सुनकर आप हो सकता है दंग रह जाएं। तब ये पता चला था कि यूपी के कुल 80 मदरसों को बीते 3 साल में 100 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली है। बहराइच, सहारनपुर, आजमगढ़ और रामपुर के मदरसों में दुबई और लंदन से पैसे आए थे। ये पैसा मदरसा मैनेजमेंट सोसायटी और कुछ एनजीओ के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। 

ये जानकारी सामने आने के बाद RAW और IB जैसी खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव हो गई थी क्या विदेशी फंडिंग के नाम पर कुछ नया खेल रचा जाने वाला है, हो सकता है कुछ लोग इसे धर्म के चश्मे से देखे, पर हम आपको जांच एजेंसियों के चश्मे से इसे समझाते हैं कि आखिर मदरसों पर सरकार की टेढ़ी नजर क्यों है।

सहारनपुर का देवबंद जो दीनी तालीम के लिए दुनियाभर में मशहूर है, यहां से पढ़े कई नौजवानों ने गलत रास्ता अपनाया। दिसंबर 2018 में NIA ने 13 संदिग्धों को पकड़ा, एक नए मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया, इनमें से ज्यादातर देवबंद में रहकर पढ़े थे। 

मार्च 2019 में देवबंद से दो ऐसे लोग पकड़े गए, जिन्हें पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले की पहले से जानकारी थी। दिसंबर 2020 में दिल्ली पुलिस और यूपी ATS ने अब्दुल्ला दानिश को पकड़ा जो अहमदाबाद केस में संलिप्त था, उसने आजमगढ़ के मदरसे से शिक्षा हासिल की थी। मार्च 2023 में यूपी एटीएस ने सहारनपुर से एक 19 साल के लड़के को पकड़ा जो लश्कर-ए-तैयबा के संपर्क में था, वहीं हॉस्टल में रहकर पढ़ता था। 

जिसके बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने योगी सरकार को पत्र लिखकर सभी मदरसों का सर्वे करवाने का अनुरोध किया था और जब सर्वे हुआ तो कई बड़ी जानकारियां सामने आई, ये भी पता चला कि एसआईटी ने करीब 13 हजार मदरसों को बंद करने की सिफारिश की है, यानि एक बात साफ है कि सारे मदरसे बंद नहीं होंगे, जो नियम के खिलाफ चलेंगे, उन पर ताला लगेगा और हो सकता है असम की तरह बुल़डोजर भी चले, क्योंकि बाबा को तो बुल़डोजर पहले से पसंद है। हर केस के बाद बुलजडोजर की मांग उठने लगती है, यहां तक कि बदायूं वाले मामले में भी जब साजिद को पुलिस ने सीधा ऊपर पहुंचाया और जावेद ने सरेंडर किया तो सब ये कहने लगे कि इसका भी मदरसे से कोई लिंक हो सकता है, पर फिलहाल पुलिस की पूछताछ में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है, फिलहाल ये करीब-करीब तय हो गया है कि यूपी के कई मदरसों पर ताला लगने जा रहा है, आप इस फैसले पर क्या कहेंगे, कमेंट कर बता सकते हैं।

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