14 अगस्त को आरजी कर अस्पताल परिसर में एक अज्ञात भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की गई थी. जिसके बाद पुलिस के द्वारा 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बुधवार की रात सैकड़ों लोगों की भीड़ आरजी कर अस्पताल परिसर में घुस गई थी, जिसने प्रदर्शन स्थल, वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था और आंसू गैस के गोले दागे गए थे. वहीं रेप और हत्या मामले पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि इस अपराध की एकमात्र सजा मृत्युदंड है.
कोलकाता पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल X पर इस घटना का जिक्र किया. पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़ को लेकर अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने बताया कि हमारे सोशल मीडिया पोस्ट से नेटिज़न्स ने 4 और संदिग्धों की पहचान की है और बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है.
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में अशांति पैदा करने के लिए वामपंथियों की राम (भारतीय जनता पार्टी) के साथ मिलीभगत है. आरजी कर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वामपंथी और राम बंगाल में अशांति पैदा करना चाहते हैं और वे दोनों ऐसा करने के लिए एक साथ आए हैं.
बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ का छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं था और आरोप लगाया कि वे भाजपा के लोग हैं, जिन्होंने अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के अंदर हंगामा किया. सीएम बनर्जी ने कहा कि कल आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले और यह हंगामा करने वाले लोग आरजी कर मेडिकल कॉलेज के छात्र आंदोलन से जुड़े नहीं हैं, वे बाहरी लोग हैं.
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने जितने वीडियो देखे हैं, मेरे पास तीन वीडियो हैं, जिनमें कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए हैं, वे भाजपा के लोग हैं और कुछ डीवाईएफआई के लोग हैं जो सफेद और लाल झंडे पकड़े हुए हैं. बनर्जी ने घटना के दौरान पुलिस के संयम की भी प्रशंसा की और कहा कि कल पुलिस पर हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, उनमें एक डिप्टी कमिश्नर (डीसी) भी शामिल था जो सुरक्षा उद्देश्यों के लिए वहां मौजूद था, और दो ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी).
एक घंटे तक वे नहीं मिले और जब वे मिले तो वे बेहोश थे और उनके सिर से खून बह रहा था. मैंने सुबह 3 बजे पुलिस को सूचित किया और उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया... मैं उन्हें बधाई देना चाहूंगी कि उन्होंने धैर्य नहीं खोया, उन्होंने किसी को चोट नहीं पहुंचाई. ममता बनर्जी ने कहा कि अब मामला हमारे हाथ में नहीं है, यह सीबीआई के हाथ में है, अगर आपको कुछ कहना है तो सीबीआई को बताएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है.