पुणे: पुणे के स्वर्गेट टर्मिनस पर खड़ी बस के अंदर 26 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार की घटना सामने आई है. इस घटना ने एक बार फिर 2012 के दिल्ली बस गैंगरेप की याद दिला दी है. जानकारी मिली है कि पुणे की पीड़िता सुबह की बस लेने के लिए स्वर्गेट बस डिपो पर पहुंची थी. इस दौरान आरोपी उसके पास पहुंचा और थोड़ी देर बाद, उसने उसे दीदी कहा. फिर बताया कि पास में एक बस खड़ी है. वह उसे बस तक ले गया और जब वह सीट देखने के लिए अंदर गई, तो आरोपी उसके पीछे-पीछे बस में चढ़ गया और दरवाजा बंद कर उसके साथ बलात्कार किया. घटना के बाद महिला पुलिस थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच करनी शुरू कर दी.
आरोपी के खिलाफ 1 लाख रुपए इनाम घोषित
पुलिस ने लापता आरोपी की सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की. वहीं बस रात भर स्वर्गेट में खड़ी रही, जबकि ड्राइवर और कंडक्टर डिपो के क्वार्टर में आराम कर रहे थे. आरोपी एक अपराधी है, जिस पर पहले भी चोरी और डकैती के मामले दर्ज हैं. पुलिस की टीमें फरार संदिग्ध को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरा फुटेज और स्थानीय नेटवर्क खंगाल रही हैं. बता दें कि स्वर्गेट पुणे का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना 60,000 यात्री आते-जाते हैं और 600 बसें चलती हैं.
पीड़ित महिला सतारा जिले के फलटन की निवासी बताई जा रही है, एक सिटी अस्पताल में प्रीऑपरेटिव काउंसलर के रूप में काम करती है. पीड़ता ने मंगलवार को सुबह करीब 9.30 बजे पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया. शुरुआती जांच के बाद, मंगलवार शाम को एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस उपायुक्त (जोन II) स्मार्टाना पाटिल ने बुधवार सुबह मीडिया को इसकी जानकारी दी है.
आरोपी पर कई मामले पहले से हैं दर्ज
डीसीपी स्मार्टाना पाटिल ने कहा कि हमले के बाद, पीड़िता इतनी सदमे में थी कि वह शोर भी नहीं मचा सकी. डीसीपी ने कहा कि हमने संदिग्ध की पहचान कर ली है, जिसके नाम पर पुणे के ग्रामीण क्षेत्र के शिकारपुर और शिरुर पुलिस स्टेशनों में चोरी और डकैती के पहले से ही मामले दर्ज हैं. सीसीटीवी फुटेज में वह पीड़िता के साथ बस से उतरता हुआ दिखाई दे रहा है. हमने उसे जल्द से जल्द पकड़ने और गिरफ्तार करने के लिए आठ टीमें बनाई हैं. हमें संदेह है कि वह बैग चोरी करने के लिए बस टर्मिनस पर गया होगा.
इस घटना ने पुणे के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक पर सुरक्षा चूक को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. यात्रियों ने डिपो को अव्यवस्थित और महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया है. यात्रियों का कहना है कि 60000 यात्रियों और 600 बसों की आवाजाही को संभालने के बावजूद, टर्मिनस पर उचित निगरानी का अभाव है. निजी वाहन और बाइकर्स प्रतिबंधित क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से पहुंचते हैं. कई बसें खुली रहती हैं, और सुरक्षाकर्मी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है.
23 सुरक्षा गार्ड हटाए गए, रिपोर्ट तलब
घटना के बाद कम से कम 23 सुरक्षा गार्डों को उनके पदों से हटा दिया गया है. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) नए गार्ड नियुक्त करेगा और सात दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने डिपो प्रबंधक और सहायक यातायात अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा. उन्होंने राज्य परिवहन बसों में महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए मंत्रालय में एक तत्काल बैठक भी बुलाई है.
शिवसेना (UBT) ने किया विरोध प्रदर्शन
शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने स्वर्गेट टिकट केबिन में तोड़फोड़ की, जिसके कुछ घंटों बाद, पुणे पुलिस ने शिवशाही बस के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी. प्रदर्शनकारियों ने बसों के शीशे तोड़ दिए, फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों को केबिन खाली करने के लिए मजबूर करने से पहले केबल खींच लिए. तोड़फोड़ के बावजूद, MSRTC अधिकारियों ने बुधवार रात तक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है.