नाली में मिली लाश, गाल पर काटने के निशान, बंगाल की 4 साल की बच्ची का अपहरण और हैवानियत

Amanat Ansari 09 Nov 2025 12:24: PM 2 Mins
नाली में मिली लाश, गाल पर काटने के निशान, बंगाल की 4 साल की बच्ची का अपहरण और हैवानियत

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के हुगली में चार साल की एक बच्ची कथित तौर पर अपने माता-पिता के बगल में आराम कर रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया और बाद में यौन उत्पीड़न किया गया. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को तारकेश्वर रेलवे स्टेशन परिसर के पास हुई, जहां बच्ची का परिवार आश्रय लिए हुए था.

बाद में दर्ज शिकायत में परिवार ने आरोप लगाया कि बच्ची मच्छरदानी के नीचे सो रही थी, और उसे सोते समय उठा लिया गया तथा यौन उत्पीड़न किया गया. सुबह बच्ची के लापता होने पर हड़कंप मच गया. घंटों खोजबीन के बाद दोपहर में रिश्तेदारों ने उसे स्टेशन के पास एक नाली के किनारे खून से लथपथ हालत में पाया.

अरंबाग जिला भाजपा की सचिव पार्णा ने कहा, ''बच्ची अपनी नानी के बगल में मच्छरदानी के नीचे सो रही थी, जब आरोपी ने कथित तौर पर इसे उठा लिया. घंटों की उथल-पुथल वाली तलाशी के बाद उसे नाली के पास खून से लथपथ, नग्न अवस्था में और गाल पर काटने के निशान के साथ पाया गया. घंटों इलाज के बावजूद उसके जननांगों से अभी भी खून बह रहा है.'' 

बच्ची को तारकेश्वर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया और फिर उसे छुट्टी दे दी. परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर केस को गलत तरीके से हैंडल करने का आरोप लगाया, दावा किया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स से खून बह रहा था और अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित नहीं किया. उन्होंने कहा कि जब वे बाद में पुलिस स्टेशन गए तो अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें जाने को कहा.

पुलिस ने बच्ची को आगे मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल वापस लाया, जिससे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने पुलिस और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया. बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार की आलोचना की और उन्हें असफल मुख्यमंत्री कहा.

अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''तारकेश्वर में 4 साल की एक मासूम बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है. परिवार पुलिस स्टेशन दौड़ा, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई! अस्पताल ले गए - चंदननगर रेफर कर दिया. तारकेश्वर पुलिस अपराध दबाने में व्यस्त. यह ममता बनर्जी के अराजक शासन का असली चेहरा है. एक बच्ची की जिंदगी बर्बाद हो गई, फिर भी पुलिस राज्य की झूठी कानून-व्यवस्था की छवि बचाने के लिए सच दबा रही है. क्या वे पुलिस अधिकारी हैं या ममता बनर्जी के चमचे? लगता है तारकेश्वर पुलिस ने कानून बनाए रखने की शपथ भुला दी है. ममता बनर्जी, आप असफल मुख्यमंत्री हैं."

इस बीच, तारकेश्वर विधायक रामेंदु सिंह रॉय ने घटना को अत्यंत दुखद बताया और क्षेत्र की निगरानी करने वाली रेलवे पुलिस की ओर से सुरक्षा विफलता की ओर इशारा किया. रॉय ने कहा, "परिवार इलाज को लेकर भ्रम में पहले पुलिस स्टेशन से चला गया हो सकता है, लेकिन प्रशासन ने बाद में सभी जरूरी मेडिकल व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं."

Bengal kidnapped rape crime

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