नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के आगरा के सुशील नगर में शराब ठेके के मालिक से रंगदारी वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर सहित पांच लोगों पर ठेके के मालिक से एक लाख रुपए की रंगदारी मांगने और 50 हजार रुपए वसूलने का आरोप है. पीड़ित दुकानदार की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच में धमकी और रंगदारी की बात सही पाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
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क्या है पूरा मामला?
सुशील नगर निवासी सोनू निषाद के पास एक देसी और एक अंग्रेजी शराब की दुकान है, जो उन्होंने किराए पर दे रखी हैं. सोनू ने एत्मादुद्दौला थाने में 5 मई को शिकायत दर्ज कराई कि 1 अप्रैल को संजय जाट, मनीष पंडित, बबलू वर्मा, मीरा राठौर, रजनी और मीना दिवाकर उनके घर आए. आरोपियों ने धमकी दी कि अगर एक लाख रुपए नहीं दिए, तो उनकी शराब की दुकानें बंद करा दी जाएंगी. डर के मारे सोनू ने 50 हजार रुपए दे दिए. इसके बाद 19 अप्रैल को आरोपी फिर आए और बाकी 50 हजार रुपए मांगने लगे. इस बार उन्होंने प्रदर्शन करने, गलत मुकदमों में फंसाने और गोली मारने की धमकी दी.
पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार
आरोपियों की धमकियों से परेशान सोनू निषाद ने हिम्मत दिखाई और एत्मादुद्दौला थाने में शिकायत दर्ज कराई. शुरू में मामला गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन पीड़ित की लगातार शिकायत और सबूतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की. डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच में धमकियों और रंगदारी की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजय जाट, मीरा राठौर, मनीष पंडित, बबलू वर्मा और एक अन्य महिला को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
संजय जाट का नाम पहले भी कई विवादों में आ चुका है. वह अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और उन पर 2023 में गौकशी के एक मामले में साजिश रचने और रंगदारी के आरोप लगे थे. पुलिस के अनुसार, संजय जाट और उनके सहयोगी अक्सर धार्मिक भावनाओं का हवाला देकर लोगों को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं. इस बार शराब ठेके के पास मंदिर होने का हवाला देकर उन्होंने दुकान बंद कराने की धमकी दी थी.
पुलिस की कार्रवाई और जांच
डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 386 (रंगदारी) और अन्य संगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य दुकानदारों से भी रंगदारी वसूली है. आरोपियों के फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा.