काठमांडू/नई दिल्ली: पड़ोसी देश नेपाल के उत्तरी हिमालयी इलाके में बुधवार सुबह अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने तबाही मचा दी है. चीन के तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में पानी अचानक बढ़ने से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में पुल, मकान और गांव बह गए. अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड और पुलिस के अनुसार, लापता लोगों में 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक हैं. रसुवा जिले में नेपाल पुलिस के 26 जवान और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 7 जवान भी लापता हैं. स्थानीय स्तर पर भारी बारिश नहीं हुई थी, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि ऊपरी हिमालय में कोई ग्लेशियर झील फटने (GLOF) या बर्फ पिघलने से यह अचानक सैलाब आया.
तबाही का मंजर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मटमैला पानी पहाड़ी घाटियों से तेज गति से बहता दिख रहा है. कई हाईवे बंद हो गए हैं. नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने बताया कि बाढ़ से कम से कम छह बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है और सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को अलर्ट पर रखा है. नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टर और राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया है. नुकसान का आकलन जारी है.
बिहार में भी अलर्ट
इस बाढ़ का पानी गंडक नदी के जरिए बिहार के छह जिलों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. इसे देखते हुए इन जिलों और NDRF टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले कई श्रद्धालुओं के भी लापता होने की खबरें हैं. बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं. स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है.