एक नहीं 3-3 लड़कियों के साथ मौलाना ने किया गलत, पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा तो खुला राज

Global Bharat 12 Aug 2024 08:17: PM 3 Mins
एक नहीं 3-3 लड़कियों के साथ मौलाना ने किया गलत, पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा तो खुला राज

वो मौलाना नहीं बहुत बड़ा पापी है, वो मस्जिद के आसपास से गुजरने वाली लड़कियों को पहले चॉकलेट देता, फिर गोद में उठाकर अपने कमरे में ले जाता. मोहल्ले की तीन लड़कियों के साथ उसने गलत किया, पर मुझे नहीं पता था मेरी बेटी के साथ भी वो ऐसा करेगा. शुक्रवार की शाम करीब 7.30 बजे वो बाहर खेल रही थी, तभी मौलाना मुख्तार बाहर आया उसे गोद में उठाकर कमरे में ले गया और खुद उसके सामने कपड़े उतारने लगा. वो देखकर डर गई, पड़ोस के एक लड़के ने खिड़की से वीडियो बनाया, फिर पूरा मोहल्ला जुट गया.

मौलाना जब रंगे हाथों पकड़ा गया तब भी गलती नहीं मानी, बल्कि उसने उल्टा लड़की पर ही मोबाइल चोरी का आरोप लगा दिया. पर डरी-सहमी मासूम बार-बार यही कहती रही. मैंने कोई फोन नहीं चुराया, ये मेरे साथ गंदी बातें कर रहे थे. गलत हरकत करने की कोशिश कर रहे थे. ये बात उस लड़की की मां ने कही है, जिसे सुनकर पुलिस भी हिल गई. वो लड़की आज भी इतनी डरी हुई है कि किसी से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. हर दाढ़ीवाले को देखकर मां से लिपट जाती है और कहती है हमें बचा लो, लड़की की हालत देखने के बाद पुलिस के दिमाग में भी पहला सवाल यही था कि इस मौलाना को हर हाल में जल्द से जल्द पकड़ना होगा.

पुलिस ने जगह-जगह छापा मारा, शहर-शहर अलर्ट जारी किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फिर आखिर में पता चला मौलाना उसी मोहल्ले में अपने एक रिश्तेदार के घऱ छिपा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने चौंकाने वाले राज खोले और कहा मैं कोई मौलाना नहीं हूं, पांच वक्त का नमाज पढ़ता हूं. इसीलिए आसपास के लोग मुझे मौलाना कहते थे. पिछली बार भी हंगामा खड़ा हुआ था, लेकिन मामला दब गया था, जब ये घटना हुई तब घर में मैं अकेला था, मेरी बेटी घर की दूसरी मंजिल पर थी.

मौलाना का कबूलनामा साफ बताता है उसके दिमाग में जहर भरा हुआ था और वो हर वक्त कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाने में की साजिश रचने में लगा रहता था. अब पुलिस उसकी कुंडली खंगालने में जुटी है. घर से लेकर मोहल्ले तक की पैमाइश की जा रही है. हो सकता है मोईद खान के केस की तरह यहां भी बुलडोजर चले, जिसने इसे छिपाया था. इतने बड़े गुनाह के बाद भी पुलिस की नजरों से बचाया थी, उसके घर भी बाबा का बुलडोजर पहुंच सकता है.

मोईद खान के केस में जैसे मोहल्ले के 11 लोगों के घरों की भी पैमाइश हुई और वहां बुलडोजर चलने की बात हो रही है. ठीक यहां भी 70 साल के मौलाना की गलती के चक्कर में कई घरों पर एक्शन हो सकता है. अगर पैमाइश में एक भी इंच सरकारी जमीन पर कब्जा मिला तो एक्शन होना तय है, लेकिन सरकारी एक्शन से ज्यादा बड़ा सवाल सामाजिक एक्शन का है, क्या ऐसे आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार नहीं होना चाहिए. क्या इनके गुनाहों की सजा उन लोगों को भी मिलनी चाहिए जो इनके पाप को छिपाने का काम करते हैं. आखिर 70 साल का मुख्तार किसकी शह पर ऐसा कर रहा था और बार-बार बच जा रहा था.

पुलिस को उन 3 लड़कियों को परिवारवालों से भी पूछताछ करनी होगी, जिनके साथ इसने गलत किया और उनके घरवालों ने लोकलाज के डर से पुलिस में जाकर शिकायत नहीं की. इस बार भी शायद कोई खुलासा नहीं हो पाता, अगर मौलाना का दरवाजा तोड़कर घर के अंदर नहीं घुसते और उसे बिना शर्ट के नहीं पकड़ पाते, वो घर के पिछले दरवाजे से उस वक्त भाग जरूर गया था, लेकिन कानून के लंबे हाथों ने उसे जब पकड़ा तो न सिर्फ उसके सारे राज खुल गए, बल्कि कई बड़े खुलासे हुए. जिसमें सबसे बड़ा खुलासा ये है कि इसकी पकड़ काफी मजबूत है. रसूख के दम पर ये बचने की कोशिश करता है, इसके कई बड़े लोगों से संबंध हैं.

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