अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने CII की सालाना समिट में दिया जोरदार संदेश

Amanat Ansari 11 May 2026 06:33: PM 3 Mins
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने CII की सालाना समिट में दिया जोरदार संदेश
  • एनर्जी और इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ही तय करेंगे भारत की ताकत: गौतम अदाणी
  • अदाणी ने CII समिट में डेटा और यूपीआई से समझाया भारत का ग्रोथ मॉडल
  • एआई से जॉब छिनने की बात को नकारा, कहा इससे उत्पादकता और बढ़ेगी

Adani Group Chairman Gautam Adani: अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सीआईआई की सालाना समिट में बोलते हुए कहा है कि दुनिया एक ऐसे नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां किसी देश की असली ताकत उसकी ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर से तय होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपने “इंटेलिजेंस फ्यूचर” का निर्माता और मालिक बनना होगा.

गौतम अदाणी कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के वार्षिक बिज़नेस समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे. गौतम अदाणी ने कहा कि पिछले तीन दशकों में जिस वैश्विकरण ने दुनिया को दिशा दी, वह अब तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा, “आज की दुनिया सपाट नहीं, बल्कि बंटी हुई और प्रतिस्पर्धा से भरी हुई है. सेमीकंडक्टर अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि स्टेटक्राफ्ट के हथियार बन गए हैं. डेटा को राष्ट्रीय संसाधन माना जा रहा है और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर रणनीतिक शक्ति का हिस्सा बन चुका है.”

ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा को बताया महत्वपूर्ण

गौतम अदाणी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा अब राष्ट्रीय शक्ति के दो स्तंभ हैं. उन्होंने कहा, “जो देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को नियंत्रित करेगा, वही अपने औद्योगिक भविष्य को शक्ति देगा. जो देश अपनी कंप्यूट क्षमता को नियंत्रित करेगा, वही अपने इंटेलिजेंस भविष्य को तय करेगा.”

उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल सॉफ्टवेयर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे ऊर्जा, डेटा सेंटर, कंप्यूट, नेटवर्क, चिप्स, टैलेंट और एप्लिकेशन से बने एक संपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में समझना होगा. उन्होंने चेताया कि अगर हमारा डेटा विदेशों में प्रोसेस हो रहा है, तो हमारा भविष्य ऐसी भाषा में लिखा जा रहा है, जिस पर हमारा नियंत्रण नहीं है.

‘देश के पास अनोखा अवसर’

भारत की क्षमता पर बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि देश के पास एक अनोखा अवसर है, क्योंकि यहां मैन्युफैक्चरिंग, मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं में मांग पहले से मौजूद है. भारत 500 गीगावॉट से अधिक स्थापित बिजली क्षमता पार कर चुका है और आने वाले सालों में एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी. उन्होंने एआई और रोजगार को लेकर फैली आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि एआई को नौकरियां खत्म करने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला उपकरण बनाया जाना चाहिए. एआई से भयभीत होने की नहीं बल्कि उससे क्षमताएं को बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा एआई बनाना होगा जो उत्पादकता बढ़ाए, नए उद्योग खड़े करे, छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाए और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करे.

आजादी के असल मायने समझा गए गौतम अदाणी

एनर्जी और एआई के क्षेत्र में अदाणी ग्रुप के इन्वेस्टमेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि समूह ने एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. इसमें गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावॉट का दुनिया में सबसे बड़ा सिंगल लोकेशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट और भारत में सॉवरेन कंप्यूट इकोसिस्टम विकसित करने के लिए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारियां शामिल हैं.

अपने अनुभव साझा करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि उन्होंने जीवन में कई ऐसी चुनौतियों का सामना किया है, जहां कभी संभावनाएं नहीं दिखती थीं. इनका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “भविष्य अपने आप नहीं आता, उसे बनाया जाता है.” 
उन्होंने इंटेलिजेंस के युग में आजादी के मायने समझाते हुए कहा कि एनर्जी और कंप्यूट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना और खुद के लिए सपने देखना ही आज के युग में असल आजादी है. अपने संबोधन के आखिर में उन्होंने कहा कि अगला स्वतंत्रता संग्राम ग्रिड्स, डेटा सेंटर्स, फैक्ट्रियों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हमारे दिमागों में लड़ा जाएगा.

Adani Group Gautam Adani CII Annual Summit Adani Group Chairman

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