नई दिल्ली: क्या भारत में फिर से लॉकडाउन लगने जा रहा है, मार्च 2020 में पहला लॉकडाउन लगा, जिसके बाद हर साल इसका डर सताता है, ठंड के महीने में कोरोना हर बार हावी हो जाता है, लेकिन इस बार जो वायरस आया है, वो कोरोना से कई गुणा खतरनाक है, इस नए वायरस का नाम है, HMPV वायरस यानि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस, जिसका पहला केस बेंगलुरू में 8 महीने की बच्चे में मिला है, जिसके बाद से अलग-अलग राज्यों ने गाइडलाइन जारी करनी शुरू कर दी, जिसमें सावधान रहने, साबुन से हाथ धोने, खांसी-जुकाम ठीक न होने पर डॉक्टर से संपर्क रहने और आइसोलेट रहने यानि बीमार होने पर खुद को सबके संपर्क से अलग रखने की अपील की गई है.
लेकिन यहां सवाल ये भी उठ रहा है कि हर वायरस चीन से ही क्यों निकलता है, कोरोना वायरस ने दुनियाभर में करीब 71 लाख लोगों की जान ले ली, आपको याद होगा, कैसे दुनियाभर में अस्पताल और श्मशान दोनों की संख्या कम पड़ गई थी. क्या चीन दुनिया के खिलाफ कोई चाल चल रहा है, इसका खुलासा भी नया वायरस आते ही हो गया है, जिसके बारे में बताएं उससे पहले नई गाइडलाइन देख लीजिए.
यूपी में चूंकि महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, तो वहां को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी हो सकती है, योगी सरकार के अधिकारी इसे लेकर अलर्ट मोड में हैं, हालांकि मामले बढ़े तो लॉकडाउन जैसी स्थिति भी आ सकती है, ऐसे में हर हालत के लिए आपको तैयार होना चाहिए, क्योंकि बीमारियों का कोई भरोसा नहीं होता, वो कब और किस रफ्तार से फैलने लगें, ये आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि सावधान करने के लिए है. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट का दावा है चीन में भी इमरजेंसी घोषित नहीं हुई है, वहां कई केस मिले हैं, ऐसे में किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, ऐसे में ये समझना भी जरूरी हो जाता है कि क्या चीन साजिशन कुछ ऐसा प्रयोग कर रहा है, जो हर साल नया वायरस दुनियाभर में फैल जा रहा है, जब-जब वहां से आने वाले फ्लाइट रुकती है, इस पर रोक लग जाता है.
जानकार बताते हैं...साल 1918, 1957, 2002 और 2019 में चीन ने ऐसी महामारी फैलाई, पूरी दुनिया अस्त-व्यस्त हो गई, और इसकी वजह थी वहां की घनी आबादी, जो जानवरों की प्रजातियों के साथ खुले तौर पर संपर्क में हैं, कई तरह के ऐसे डिश वहां बनते हैं, और लोग खाते हैं, जिसे देखते ही आपको घिन्न आने लगेगी. वहां के पशुपालक बिल्कुल भी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते.
हालांकि कुछ लोग ये भी दावा करते हैं कि चीन ने कोरोना वायरस लैब में बनाया था, और फिर वो लैब में ही इस तरह की हरकतें कर रहा है, वो दुनिया को बायोजैविक वॉर की ओर ले जा रहा है, जो आने वाले दिनों में काफी खतरनाक हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन एक तरफ देश में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, तो दूसरी तरफ वायरस का फिर से फैलना, लॉकडाउन की बातें होना और अलर्ट जारी होना कई तरह के सवाल भी खड़े कर सकता है, खतरा बड़ा हो तो सबसे पहला बचाव अपनी जान की सुरक्षा है.
देश ने पहले भी लॉकडाउन, वर्क फ्रॉम होम और नए बदलाव को स्वीकार किया है, हो सकता है इस बार भी खतरा बढ़ा तो सरकार को ऐसे कड़े कदम उठाने पड़े, लेकिन चीन से हर बार फैलने वाले नए वायरस पर अब दुनियाभर के वैज्ञानिक नए तरीके से रिसर्च में जुटे हैं कि कहीं ये कोई चाल तो नहीं है, जो हर ठंड में एक नया म्यूटेंट या वायरस सामने आ जाता है. इससे वो भी प्रभावित होता है, लेकिन दुनिया के छोटे देशों पर इसका ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है, लॉकडाउन ने कितने छोटे व्यापारियों और कारोबारियों की दुनियाभर में कमर तोड़कर रख दी, शायद आप भूले नहीं होंगे.