Manoj Jha on Owaisi: बिहार चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, चुनावी सरगर्मियां उतनी ही ज्याद बढ़ती जा रही हैं, एक तरफ बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों का गठबंधन (NDA) है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, RJD और बाकी पार्टियों का गठबंधन (INDIA) है, जिसे लोकसभा चुनाव से पहले बनाया गया था, अब इसी गठबंधन में लगातार खेल हो रहा है, एक तरफ तो केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वो गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव 2024 के लिए था, अब इंडिया ब्लॉक खत्म हो चुका है, तो वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद के भड़काऊ भाईजान के नाम से कुख्यात असदुद्दीन ओवैसी अपनी पार्टी AIMIM को बिहार चुनाव में मजबूती से उतारने की कोशिशों में जुटे हैं, और इसके लिए उन्होंने लालू यादव के साथ चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, इसी दिशा में आरजेडी के लिए पत्र भी लिखा गया था, जिसमें ओवैसी की पार्टी ने लालू से गुजारिश की थी कि हमें भी चुनाव में साथ लिया जाए, जिससे कि बीजेपी की नफरत वाली राजनीति को खत्म किया जा सके, लेकिन अब ये दाव ओवैसी के लिए घाव बनता जा रहा है, क्योंकि लालू की पार्टी के सांसद मनोज झा ने इशारों ही इशारों में ओवैसी को ना सिर्फ गठबंधन में शामिल करने से मना किया है, बल्कि कुछ लोगों का तो उनके जवाब से ये भी मानना है कि ओवैसी को बिना अपशब्द कहे ही अपमानित भी कर दिया है.
दरअसल ओवैसी के पत्र के जवाब में आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "मैं तो सिर्फ एक ही बात कहूंगा कि असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी AIMIM का जनाधार हैदराबाद में है. इसके अलावा बिहार में AIMIM के चुनाव लड़ने से क्या होता है नहीं होता है ये ओवैसी खुद भी जानते हैं और उनके सलाहकारों को भी ये जानकारी पूरी तरह है. अगर आपकी मंशा है कि बीजेपी की नफरत वाली राजनीति को शिकस्त दी जाए तो कई बार चुनाव न लड़ने का फैसला भी उसी तरह का फैसला होगा. मुझे उम्मीद है उस पर विचार करेंगे."
आरजेडी की तरफ से दिए गए इस बयान को एक तरह से ओवैसी के लिए चेतावनी या बेइज्जती की तरह ही देखा जा रहा है, क्योंकि अक्सर AIMIM पर बीजेपी की बी टीम होने के आरोप लगते हैं, विपक्षी नेता कई बार इस बात का तंज कसते हुए भी नजर आए हैं कि ओवैसी हैदराबाद के बाहर केवल बीजेपी के विरोधियों का वोट काटने के लिए चुनाव लड़ते हैं, हालांकि अब देखना ये भी होगा कि बिहार में कितनी सीटों पर ओवैसी अपने प्रत्याशी उतारते हैं.