Punjab-Haryana water dispute: हरियाणा की सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ? जानिए एक-एक बात

Amanat Ansari 04 May 2025 03:24 PM 2 Mins
Punjab-Haryana water dispute: हरियाणा की सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ? जानिए एक-एक बात

नई दिल्ली: पंजाब और हरियाणा के बीच भाखड़ा डैम से जल बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है. इस मुद्दे पर शनिवार, 3 मई 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में एक सर्वदलीय बैठक हुई. बैठक में सभी दलों ने एकजुट होकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से बिना शर्त भाखड़ा डैम से पानी छोड़ने की मांग की. यह मांग भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के उस फैसले के बाद आई, जिसमें हरियाणा को अतिरिक्त 4,500 क्यूसेक पानी देने का निर्देश दिया गया था. दूसरी ओर, पंजाब ने एक दिन पहले, शुक्रवार को हुई अपनी सर्वदलीय बैठक में अतिरिक्त पानी देने से साफ इनकार कर दिया.

हरियाणा की सर्वदलीय बैठक और मांग

हरियाणा की सर्वदलीय बैठक में बीजेपी, कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी), आप और अन्य दलों के नेता शामिल हुए. बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें पंजाब सरकार से बीबीएमबी के 23 और 30 अप्रैल के फैसलों को तुरंत लागू करने की मांग की गई. मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब के इस कदम को "असंवैधानिक, अमानवीय और संघीय ढांचे पर हमला" करार दिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा केवल अपनी हिस्सेदारी मांग रहा है, जो उसे पहले मिलती रही है. सैनी ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब की आप सरकार पानी के मुद्दे पर "गंदी राजनीति" कर रही है, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार के बाद.

बैठक में मौजूद कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आप के सुशील गुप्ता, जेजेपी के दुष्यंत चौटाला और आईएनएलडी के रामपाल माजरा ने भी पंजाब के रवैये की निंदा की. नेताओं ने कहा कि हरियाणा को पीने और सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है, और पंजाब का पानी रोकना अनुचित है.

पंजाब का रुख और भगवंत मान का बयान

पंजाब में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में आप, कांग्रेस, बीजेपी, शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने हिस्सा लिया. इस बैठक में पंजाब ने हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने से इनकार कर दिया. भगवंत मान ने दावा किया कि हरियाणा पहले ही अपनी हिस्सेदारी का 103% पानी इस्तेमाल कर चुका है. उन्होंने बीबीएमबी के फैसले को "पंजाब के हितों पर डAKA" बताया और कहा कि पंजाब में धान की बुवाई के लिए पानी की जरूरत है. मान ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह पाकिस्तान को जाने वाले पानी को रोककर पंजाब के जलाशयों को भरे, ताकि पानी की कमी पूरी हो सके.

दोनों राज्यों में तनाव

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब बीबीएमबी ने 23 अप्रैल को हरियाणा को 8,500 क्यूसेक पानी देने का फैसला किया, जिसमें 4,500 क्यूसेक अतिरिक्त था. पंजाब ने इस फैसले का विरोध करते हुए नंगल डैम पर पुलिस तैनात कर दी और पानी की आपूर्ति को नियंत्रित करने वाले कमरे को ताला लगा दिया. हरियाणा ने इसे असंवैधानिक बताया और सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण को जल्द पूरा करने की मांग की. 

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