असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने एनआरसी को लेकर एक बार फिस से बड़ा बयान दिया है. यह बयान असम के लिए नहीं बल्कि झारखंड के लिए है. दरअसल, हिमंत बिस्वा सरमा 27 सितंबर को कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने पर झारखंड में एनआरसी (NRC in Jharkhand) लागू किया जाएगा. झारखंड के हज़ारीबाग़ में उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए झारखंड में एनआरसी कैसे लागू किया जाएगा इसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी.
इसके बाद उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी पहचान साबित करने में असफल रहेंगे उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया जाएगा. एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) किया जाएगा और जिन लोगों के नाम एनआरसी में नहीं होंगे, हमें उन्हें बांग्लादेश धकेलना होगा. यह हमारी नीति होगी. एनआरसी (NRC) आने पर सभी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा.
सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी और यदि आप खुद को साबित नहीं कर पाते हैं कि आप भारतीय नागरिक हैं, तो हम आपको कानूनी रास्ते से बांग्लादेश भेज देंगे, हमारी एक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि हमें इसे एक बार और करने दें. अगर हमें सुप्रीम कोर्ट से दूसरे संशोधन की अनुमति मिल जाती है, तो यह संख्या और बढ़ जाएगी.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में हमारी एक प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है और 14 लाख घुसपैठिए की पहचान की गई है. साथ ही उन्होंने जदयू और आजसू से गठबंधन को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि गठबंधन की 99 फीसदी सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है. पितृपक्ष के तुरंत बाद गठबंधन का ऐलान कर दिया जाएगा. सरमा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) पर निशाना साधते हुए कहा है कि सोरेन ने मुझे एक पत्रा लिखा है, मैं उसका जवाब जरूर दूंगा, लेकिन उससे पहले वह खुद बताए कि उनकी पत्नी कल्पना सोरेन किसी आदिवासी सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ सकती है?