लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के देवकीपुर गांव के रहने वाले प्रभात कुमार यादव ने साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे गरीबी और संसाधनों की कमी कोई बाधा नहीं बन सकती. नीट यूजी 2026 परीक्षा में 627 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 3864 पाने वाले प्रभात को लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मेडिकल की पढ़ाई के लिए एडमिशन मिल गया है.
प्रभात के पिता महेंद्र कुमार यादव पिछले करीब 20 साल से मुंबई में ऑटो-रिक्शा चलाते हैं. छोटी-सी चॉल में रहकर परिवार के लिए पैसे भेजते रहे, जबकि प्रभात अपनी मां बंसराजी, दादा इंद्र बहादुर यादव और भाई-बहनों के साथ गांव में रहते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद प्रभात ने डॉक्टर बनने का सपना कभी नहीं छोड़ा.
पहली बार असफलता, दूसरी बार सफलता
प्रभात का पहला नीट प्रयास 504 अंकों पर सिमट गया था. हार न मानते हुए उन्होंने एक साल ड्रॉप लिया और पूरी मेहनत के साथ दोबारा तैयारी की. नतीजा यह रहा कि स्कोर बढ़कर 627 हो गया. गांव में तैयारी शुरू करने के बाद वे कोटा गए, जहां ALLEN करियर इंस्टीट्यूट से उन्हें फीस में 50 प्रतिशत की छूट मिली. बाकी खर्च का इंतजाम परिवार के लिए चुनौती भरा था, लेकिन मामा दयाराम यादव ने मदद की, जिससे प्रभात की पढ़ाई जारी रह सकी.
बेहतरीन शैक्षणिक रिकॉर्ड
नीट की तैयारी से पहले भी प्रभात का अकादमिक प्रदर्शन अच्छा रहा. कक्षा 10 में उन्होंने 89.44 प्रतिशत और कक्षा 12 में 83.44 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. बेटे के KGMU में सिलेक्शन की खबर सुनकर पिता महेंद्र भावुक हो गए. वहीं दादा इंद्र बहादुर यादव खुशी से फूले नहीं समा रहे.
एक वायरल वीडियो में वे डांस करते नजर आते हैं और कहते हैं कि प्रभात ने अपनी सफलता से पिता की मेहनत और त्याग को सम्मान दिया है. प्रभात की यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों को पूरा करने की दिशा में जुटे हुए हैं.