नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे. अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से यह याचिका दायर की है.
इसमें मांग की गई है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए सभी फैसलों को अमान्य घोषित किया जाए. साथ ही मूल फॉर्म 6 को बहाल करने और SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की भी मांग की गई है.
याचिका में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में ज्ञानेश कुमार, वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना पर मुकदमा चलाने की भी मांग की गई है.
यह PIL इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद दायर हुई है, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR समेत अन्य मामलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया. रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर निशाना साध रहा है. राहुल गांधी ने उनके इस्तीफे की मांग की थी.