राम रहीम से मिलती जुलती है बाबा सूरज पाल की कहानी, सीढ़ियों के नीचे बना है पाताल लोक!

Global Bharat 04 Jul 2024 3 Mins 814 Views
राम रहीम से मिलती जुलती है बाबा सूरज पाल की कहानी, सीढ़ियों के नीचे बना है पाताल लोक!

क्या बाबा के आश्रम में कोई ऐसा पाताललोक हैं, जहां होता है ऐसा काम जिसकी भनक किसी को नहीं थी. क्या योगी की पुलिस कोई ऐसा सच बाहर लाने वाली है, जिसकी ख़बर मिलते ही बाबा के भक्त भी गुस्सा हो जाएंगे. बाबा का घर बुलडोज़र नहीं क्या भक्त ही उजाड़ने वाले है? महिलाओं को झांसे में रखने के लिए महिला आर्मी की मदद लेने की ख़बर हैं. ख़बर हैं कि बाबा दूध से नहाता और फिर अगले दिन उसी दूध से खीर बनती.

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भक्तों को खिलाता था खीर

अपने भक्तों को वो खीर खिलाना और फिर वो करता जिसका अंदाजा किसी को नहीं था. बाबा के जितने भी आश्रम हैं वो सुन-सान इलाकों में क्यों बने हैं? पुलिस को शक है कि आश्रम की आड़ में कुछ ऐसा चलता है जो नहीं चलना चाहिए. 23 साल पहले बाबा ने एक परिवार से वादा किया कि मृत बेटी को जिंदा कर देंगे. साल 2000 में आगरा की बहादुरनगर पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार किया था, उस वक्त बाबा का दावा था कि लड़की को ज़िंदा कर देंगे, लेकिन जब नहीं कर पाया तो परिवार ने केस कर दिया.

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महिलाओं से था खास लगाव!

UP पुलिस ने उस वक्त ड्रग्स और मैजिक एक्ट के तहत बाबा को गिरफ्तार किया. बाबा के 5 भक्तों को भी गिरफ्तार किया गया था. हालांकि सबूतों के अभाव में वो छूट गया, लेकिन इस बार बाबा का मुकाबला एक ऐसे योगी बाबा से जहां न्याय में ना देरी होती है ना ही कोई बचता है. बाबा की रंगीन दुनिया में कहानी एकदम राम रहीम जैसी लगती है. दावा किया जाता हैं कि बाबा को महिलाओं से ख़ास लगाव है. वो अपने आश्रम में सेवादारों में ज्यादातर महिलाओं को चुनता है. ऐसी महिलाएं, जिनके पास कोई रोज़गार नहीं होता हैं वो बाबा के झांसे का शिकार हो जाती है. बाबा की महिला बीग्रेड में पिंक कलर की कमांडो जैसी दिखने वाली ये वही महिलाएं हैं, लेकिन क्या इनके साथ भी गलत हुआ है? बाबा का रौब देखकर लगता हैं वो बड़ा शिकारी है.

4 जुलाई की रात को घुसी थी UP पुलिस

बाबा के पाताललोक में 4 जुलाई की रात UP पुलिस भी घुसी थी, लेकिन न जाने ऐसा क्या देखा कि वहां से भागते हुए पुलिसवालों ने कोई जवाब तक नहीं दिया. कई अधिकारी अंदर आश्रम में गए, लेकिन जब बाहर निकले तो घबराएं हुए थे. क्या वहां कुछ ऐसा देखा था जो नहीं देखा जाना चाहिए? क्या यूपी पुलिस बाबा के आश्रम पर कब्जा जमाने गई थी लेकिन जब वहां कुछ गलत दिखा तो उल्टे पांव वापस आ गई? मीडिया ने पूछा तो पुलिस अधिकारी जवाब नहीं दे पाएं. ये तक नहीं बोल रहे थे कि वो अंदर गए है. तो ऐसा कौन सा सच हैं जो यूपी पुलिस को परेशान कर रहा था.

कई आश्रम से पहले भी कई आपत्तीजनक चीज़े मिल चुकी है. क्या बाबा को भी लेज़र लाइट से लड़कियों को पसंद करने का शौक था? क्या बाबा के आश्रम में भी ये खेल चलता था? अगर बाबा का नाम FIR में नहीं हैं तो वो भाग क्यों रहा है? जादू टोना से शुरू हुई कहानी भगवान बनने तक कैसे पहुंची? ये सामान्य व्यक्ति जो शूट-बूट में रहता हैं वो खुद को भगवान कैसे कहलवा सकता है? कुछ तो ऐसा है जो भयंकर हैं. क्योंकि इतने बड़े कांड के बाद भी ना सेवादार बोलने को तैयार है ना ही यूपी पुलिस मुंह खोल रही है. ना ही कोई बाबा पर हाथ डाल रहा है?

हो सकता हैं कि यूपी में बाबा को बर्बाद करने के लिए आर्मी को बुलानी पड़े. क्योंकि मासूम से दिखने वाले बाबा बहुत शातिर होते हैं. इनसे निपटाने के लिए सिंघम IPS के साथ योगी सरकार पैरामिलिट्री फोर्स को भी बुला सकती है. बाबा के 24 आश्रम की पड़ताल की जा रही है. किसी क्या हर आश्रम में एक काली दुनिया है. एक पाताललोक हैं? एक नरक द्वार है?

योगी सरकार के एक्शन को देखकर लगता है कि ज़रूर कुछ बड़ा होने वाला है, क्योंकि कहा जाता है जब बोलते हैं तो ख़तरनाक होते हैं और चुप रहते हैं तो विध्वंसक हो जाते हैं. धरती पर बाबा का वक्त ख़त्म हो रहा है. होने को कुछ भी हो सकता है. सवाल है अगर महिलाओं के साथ कुछ गलत होने की ख़बर आती है तो क्या बाबा का एनकाउंटर भी हो जाएगा. भक्तों को तय करना है सरकार के साथ आकर सच्चाई बाहर लाने का वक्त है या फिर बाबा के ढोंग का शिकार बने रहना है?

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