पटना : बिहार बंद के दौरान राज्यभर में हुए छात्र प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 21 एफआईआर दर्ज की हैं. पुलिस के अनुसार इन मामलों में अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. सबसे अधिक कार्रवाई राजधानी पटना में हुई, जहां 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया. हालांकि, पुलिस ने 30 नाबालिगों और 30 महिलाओं को पूछताछ के बाद छोड़ दिया.
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के करीब आठ जिलों में प्रदर्शन से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियां की गई हैं और आगे भी जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि जिन स्थानों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, सड़क जाम की गई या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश हुई, वहां उपलब्ध वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. कई मामलों में अन्य आरोपितों की पहचान भी की जा रही है.
इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल कॉकरोच जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि छात्रों के आंदोलन के दौरान न तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और न ही गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है.
पार्टी नेताओं ने सरकार से सभी मुकदमे वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करने और आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की है. वहीं, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी.