नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने न्यू ईयर पार्टी में हर्ष फायरिंग कर एक महिला डॉक्टर की जान लेने के मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा सुना दी है. कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की धारा 304 (भाग-II) के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत भी सजा दी.
इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायक की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है. इस फैसले के साथ राजू सिंह की विधायकी भी चली गई.
घटना क्या थी?
31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 की दरमियानी रात दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित अपने फार्महाउस 'रोज फार्म' पर न्यू ईयर पार्टी का आयोजन कर रहे थे राजू सिंह. पार्टी में हर्ष फायरिंग की गई, जिसमें गोली लगने से डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हो गई. कोर्ट ने कहा कि हर्ष फायरिंग देश की एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है और राजू सिंह की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. जांच में उनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए थे. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून बनाने वाला व्यक्ति ही कानून तोड़ने वाला बन गया.
राजू सिंह कौन हैं?
राजू कुमार सिंह बिहार राजनीति के पुराने चेहरे हैं. 2005 से कई बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने लोजपा, जदयू, वीआईपी और बाद में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता. वह बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं. यह फैसला हर्ष फायरिंग जैसी लापरवाही भरी घटनाओं के खिलाफ सख्त संदेश देता है. पीड़ित परिवार को न्याय मिलने पर राहत की बात कही जा रही है, जबकि राजू सिंह पक्ष ने सजा पर पुनर्विचार की गुहार लगाई थी.