पंजाब कांग्रेस में बड़ी सियासी हलचल की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस में फूट भी पड़ सकती है। सियासी हलचल की खबरें तब बढ़ने लगीं जब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बरकरार रखने का फैसला लिया गया। इसके बाद नाराज गुट ने चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें पंजाब कांग्रेस के कई अहम नेता मौजूद थे। पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओ. पी. सोनी, भारत भूषण, सुखविंदर सिंह सरकारिया और परमंदिर पाल पिंकी सहित कई नेता इसमें शामिल हुए।
यह बैठक चन्नी के आवास पर करीब चार घंटे तक चली, जिसमें लगभग 60 नेता मौजूद थे। यहां तक कि बैठक में नवनियुक्त चुनाव समिति के सदस्य तथा पूर्व और मौजूदा विधायक भी शामिल थे।
नवनियुक्त चुनाव समिति के सदस्यों ने अपने इस्तीफे चरणजीत सिंह चन्नी को सौंप दिए। अब आने वाले 15 दिनों में उन्हें अपनी शिकायतें हाईकमान के सामने रखनी हैं। नाराज नेताओं ने विदेश से लौट रहे राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है।
राजा वड़िंग गुट के सदस्यों ने चन्नी के आवास पर आयोजित उस बैठक को फ्लॉप शो करार दिया। चन्नी की बैठक में मौजूद और अनुपस्थित पार्टी सदस्यों की सूची हाईकमान को सौंप दी गई है, जिस पर पार्टी हाईकमान नजर बनाए हुए है।
पंजाब कांग्रेस में फेरबदल के बीच पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कोर कमेटी के नवनियुक्त चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसने कई सवाल खड़े किए। इसके बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बैठक का कारण स्पष्ट किया।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पूरी स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतनी लंबी चर्चा के बाद भी ऐसी स्थिति क्यों आई। पंजाब कांग्रेस में हाल ही में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बरकरार रखा गया है, जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का चेयरमैन और चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।