पटना : बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए व्यापक स्तर पर टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा. 15 सितंबर के बाद बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में यह अभियान शुरू होगा, जो अगले छह महीनों तक लगातार संचालित किया जाएगा. इसका उद्देश्य गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन संसाधनों और उचित मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। सरकार अब ऐसे खिलाड़ियों को खोजकर उन्हें खेल विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों की निगरानी में प्रशिक्षण दिलाएगी, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें.
अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर प्रतिभा चयन शिविर लगाए जाएंगे. चयनित खिलाड़ियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार खेल अकादमियों, विशेष प्रशिक्षण शिविरों और विभिन्न प्रतियोगिताओं से जोड़ा जाएगा. साथ ही उन्हें आवश्यक खेल सामग्री, तकनीकी मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य देना भी है. इस पहल से बिहार में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए खेलों में करियर बनाने के नए अवसर खुलेंगे.
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को पहचान मिले, हर खिलाड़ी को सम्मान मिले और हर युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए उचित मंच प्राप्त कर सके. यह अभियान बिहार के खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.