नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को वंदे मातरम् को लेकर बड़ा प्रस्ताव पारित किया. पार्टी ने कांग्रेस कार्य समिति के उस फैसले की कड़ी निंदा की, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सिर्फ शुरुआती दो अंतरे गाने तक सीमित कर दिया गया है.
बीजेपी ने साफ कहा कि राजनीतिक सहूलियत या तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. नई दिल्ली में बीजेपी के नए पदाधिकारियों की बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ. बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने की. बाद में उन्होंने एक्स पर प्रस्ताव साझा किया.
बीजेपी अध्यक्ष ने क्या कहा?
नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने आज वंदे मातरम् के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत को संजोकर रखने के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया. उन्होंने बताया कि भाजपा कांग्रेस कार्य समिति के 19 अगस्त 2026 के फैसले का स्पष्ट विरोध करती है, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए सिर्फ दो अंतरे गाने की बात कही गई है.
बीजेपी नेता ने जोर दिया कि पार्टी राष्ट्रगीत को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति का शिकार बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहूलियत या तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम् के सम्मान और विरासत से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा वंदे मातरम् के इतिहास, अर्थ, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत को देश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए अभियान शुरू करेगी. पार्टी पूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय चरित्र की रक्षा करेगी.
नितिन नवीन ने बताया कि महात्मा गांधी के उस बयान का भी प्रचार किया जाएगा, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् को साम्राज्यवाद-विरोधी नारा और सबसे शुद्ध राष्ट्रीय भावना से जुड़ा बताया था. खासकर युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि छह छंदों वाले पूरे राष्ट्रगीत और उसके इतिहास को भुलाया न जा सके.
आने वाली पीढ़ियां वंदे मातरम् से जुड़ी भारत की आजादी की यादों को समझ सकें. बीजेपी का यह कदम कांग्रेस के हालिया फैसले के जवाब में आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.