कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस को हुगली जिले के हावड़ा में एक जोड़े की शादी की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकलपीठ ने कहा कि इस देश के वयस्क नागरिकों को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है.
कोर्ट ने यह टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक हिंदू युवक और मुस्लिम युवती ने अंतरधार्मिक विवाह के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि स्थानीय लोगों का विरोध होने के कारण जोड़े को शादी करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
न्यायालय ने पुलिस को शादी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा देने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का आदेश दिया. कोर्ट ने हावड़ा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिए हैं कि शादी के सात दिन के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए. यह फैसला उन जोड़ों के लिए राहत भरा है जो अंतरधार्मिक विवाह कर रहे हैं और सामाजिक दबाव या विरोध का सामना कर रहे हैं.