कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) ने मंगलवार को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) और अस्पताल में 9 अगस्त को एक महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु (पीजीटी) डॉक्टर के यौन उत्पीड़न और हत्या (Kolkata rape-murder case) की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दिए. कोर्ट ने कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) से सभी दस्तावेज तुरंत CBI को सौंपने को कहा है. इस पर विरोध प्रदर्शन करने वाले एक डॉक्टर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हम बहुत खुश और राहत महसूस कर रहे हैं कि मामला CBI को सौंप दिया गया है. आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
दिल्ली एम्स में विरोध-प्रदर्शन
इससे पहले, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) द्वारा महिला डॉक्टर के यौन उत्पीड़न और हत्या के खिलाफ एकजुटता में मंगलवार से ओपीडी सेवाओं को बंद करने के आह्वान के बाद डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मंगलवार को एम्स दिल्ली में (Protest in Delhi AIIMS) विरोध प्रदर्शन किया. इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष (Former principal of RG Kar Medical College Sandip Ghosh) को छुट्टी का आवेदन जमा करने को कहा.
यह तब हुआ जब घोष को आरजी कर कॉलेज से इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोलकाता में कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त किया गया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. संदीप घोष ने (Sandip Ghosh) सोमवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्हें बदनाम किया जा रहा है.
प्रिंसिपल की नियुक्ति पर उठे सवाल
कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ मंगलवार को इस मामले में कई जनहित याचिकाओं पर विचार कर रही थी. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पूर्व प्रिंसिपल की नियुक्ति पर सवाल उठाया. कहा गया कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले प्रिंसिपल को दूसरे सरकारी कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया जा सकता है? कोर्ट ने उन्हें आज दोपहर 3 बजे तक छुट्टी का आवेदन जमा करने को कहा है या फिर कोर्ट उन्हें पद छोड़ने का आदेश देगा.
इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ?
बता दें कि 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल के अंदर एक पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर मृत पाया गया. जांच में बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई है. कथित तौर पर, मृतक के शरीर पर खरोंच के निशान थे, जो दर्शाता है कि घटना के समय कुछ संघर्ष हुआ था. परिवार ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई.
IMA ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (Union Health Minister JP Nadda) ने मंगलवार को भारतीय चिकित्सा संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government) से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की. आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर अपराध को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों की विस्तृत जांच करने और कार्यस्थल पर डॉक्टरों खासकर महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के लिए कदम उठाने की मांग की है.