नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश एटीएस ने छांगुर से जुड़े अवैध धर्मांतरण नेटवर्क पर अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. इसी क्रम में शनिवार की सुबह-सुबह महाराष्ट्र के नागपुर से एक बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ. संयुक्त टीम (यूपी एटीएस, नागपुर एटीएस और स्थानीय पुलिस) ने आशी नगर इलाके की एक तंग गली में छापेमारी की. यहां से छांगुर के करीबी सहयोगी इधु इस्लाम (उम्र करीब 40 वर्ष) को हिरासत में ले लिया गया. यह कार्रवाई सुबह लगभग 5 बजे बिना किसी हंगामे के पूरी हुई.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इधु इस्लाम पिछले दो साल से ज्यादा समय से फरार था और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी था. वह इस पूरे सिंडिकेट में पैसे का प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी संभालता था. जांच एजेंसियों का मानना है कि छांगुर का नागपुर से पुराना गहरा कनेक्शन रहा है, जहां से उसने अपनी गतिविधियां शुरू की थीं और बाद में उत्तर प्रदेश में विस्तार किया.
याद रहे, छांगुर (जिनका असली नाम जमालुद्दीन है) को पिछले साल जुलाई में बलरामपुर जिले से गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में धोखाधड़ी, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध कानून के तहत मुकदमा चल रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इसमें शामिल विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, मजदूरों और विधवाओं को लालच या अन्य तरीकों से निशाना बनाया जाता था. अब इधु इस्लाम की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिल सकती है और आगे और खुलासे होने की संभावना है. पूछताछ जारी है और आरोपी को जल्द ही यूपी एटीएस के हवाले किया जाएगा.