पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि मंत्री, विधायक और अधिकारियों के बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की व्यवस्था लागू की जाएगी. सीएम ने शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए एक से दो साल में इसे लागू करने का लक्ष्य तय किया है.
पटना के ज्ञान भवन में गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत करते हुए सीएम ने कहा, “जब सक्षम परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने लगेंगे, तभी माना जाएगा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव आया है.”
सीएम ने बताया कि अभी सिर्फ गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूल जाते हैं. सरकार इन्हें हाईटेक बना रही है. राज्य में 551 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल खोले जा चुके हैं. लाइव क्लासेज शुरू हो रही हैं और सरकारी स्कूलों में NEET-JEE की कोचिंग की व्यवस्था भी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 18 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं. इसलिए 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं, ताकि बच्चे अपने प्रखंड से बाहर न जाएं. आने वाले दिनों में 400 से ज्यादा नए डिग्री कॉलेज भी खोले जाएंगे. सीएम ने मठ-मंदिरों से भी आग्रह किया कि वे स्कूल-कॉलेज खोलें, सरकार उन्हें मान्यता देगी.