बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के नाम पर फर्जी वेतन निकालकर अपने परिवार को अमीर बनाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बोकारो जिला कोषागार में काम करने वाले एक लेखपाल ने साल 2016 में रिटायर हो चुके सब-इंस्पेक्टर के वेतन खाते में हेराफेरी कर दी. उसने जन्मतिथि और बैंक खाता नंबर बदलकर पूरा वेतन अपने पत्नी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाना शुरू कर दिया.
लेखपाल कौशल कुमार पाण्डेय ने नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक लगभग 25 महीनों के दौरान 63 बार फर्जी बिल बनाकर कुल 4.29 करोड़ रुपए सरकारी खजाने से निकाल लिए, सारा पैसा सीधे उनकी पत्नी अनु पाण्डेय के बैंक खाते में जमा होता रहा. इस तरह उनकी पत्नी बिना कोई काम किए ही करोड़पति बन गईं.
जांच में पता चला कि आरोपी ने 'E-Kuber DDO Level Bill Management System' में गड़बड़ी की थी. वह खुद साइन करके बिल पास करता था और फिर DDO के हस्ताक्षर भी उसी के स्तर पर हो जाते थे. ऑडिट टीम भी कई महीनों तक इस घोटाले को नहीं पकड़ पाई, जिससे घोटाला लगातार चलता रहा. पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले इनकार किया, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड देखने पर सब साफ हो गया.
जब उससे खाता नंबर 42945898462 के बारे में पूछा गया तो उसने कबूल लिया कि यह खाता उसकी पत्नी का है. इस मामले में जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद्र उरांव की शिकायत पर बीएस सिटी थाने में केस दर्ज किया गया. आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और पिछले सालों के सभी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. इस घटना के बाद प्रशासन ने सिस्टम में सुधार के लिए एक विशेष कमिटी गठित की है.
अब रिटायर्ड कर्मचारियों के वेतन रिकॉर्ड को अलग से लॉक करने, मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन लगाने और ऑनलाइन पोर्टल पर ज्यादा सख्ती बरतने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे घोटाले दोबारा न हो सकें. यह मामला सरकारी वेतन प्रणाली में छिपी कमजोरियों को उजागर करता है, जहां एक व्यक्ति ने अकेले इतना बड़ा घोटाला कर लिया.