धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर इलाके में भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास की अचानक मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है. उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी दोनों पत्नियों (जो सगी बहनें हैं) ने मिलकर यह कांड किया. पुलिस अभी हर पहलू की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.
क्या कह रहा है परिवार?
अमृत दास की मां सुशीला देवी और बहन रानी देवी का कहना है कि घर में लंबे समय से तनाव चल रहा था. अमृत की शादी दो सगी बहनों रीता कुमारी (बड़ी पत्नी) और रानी कुमारी (छोटी पत्नी) से हुई थी. दोनों पत्नियों के साथ उनके रिश्ते खराब थे, खासकर बड़ी पत्नी से. परिवार का दावा है कि 1 मई को अमृत अपनी छोटी पत्नी के साथ बाजार शॉपिंग करने गए.
घर लौटने के बाद दोनों पत्नियों में जोरदार बहस हुई. रात में चीख-पुकार की आवाजें आईं, लेकिन पड़ोसियों ने इसे घरेलू झगड़े की बात मानकर टाल दिया. अगले दिन सुबह अमृत का शव घर के अंदर मिला. गोविंदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ. शुरुआती जांच में शरीर पर कोई स्पष्ट बाहरी चोट नहीं दिखी, लेकिन मौत का सही कारण अभी साफ नहीं है. पुलिस घरेलू विवाद, सौतिया डाह सहित सभी एंगल से छानबीन कर रही है.
अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है कि यह हत्या ही थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी. अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी राजनीतिक साजिश या बाहर की साजिश का कोई संकेत नहीं मिला है. पूरा मामला घरेलू कलह और पत्नियों के बीच ईर्ष्या पर केंद्रित दिख रहा है.
पुलिस की जांच पूरी होने तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसने क्या किया. फिलहाल यह एक रहस्यमयी घरेलू घटना लग रही है जिसमें दो सगी बहनों के बीच पति को लेकर चली रंजिश घातक साबित हुई हो सकती है. अपडेट के लिए पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करें.