कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है. बुधवार को दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालूरघाट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर रखी गईं प्रतिबंधित कफ सिरप की लगभग 2 लाख बोतलों पर उन्होंने खुद रोड रोलर चलाकर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया.
क्या हुआ मौके पर?
इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं बालूरघाट सांसद सुकांत मजूमदार और राज्य स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान का जिक्र करते हुए इसे सामयिक पहल बताया.
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि ये फेनसिडिल कफ सिरप की बोतलें बांग्लादेश में अवैध तस्करी के लिए ले जाई जा रही थीं. पिछले चार महीनों में बीएसएफ और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियानों में यह बड़ी खेप जब्त की गई थी. उन्होंने कहा कि अब बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बना है, जिससे इतनी बड़ी जब्ती संभव हो सकी.
मेडिकल कॉलेज की घोषणा भी
मुख्यमंत्री बनने के बाद बालूरघाट के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया और हवाई अड्डे के विकास कार्यों का निरीक्षण किया. साथ ही उन्होंने बालूरघाट क्षेत्र के लिए नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की महत्वपूर्ण घोषणा भी की. मुख्यमंत्री ने तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा.