करूर (तमिलनाडु): भावनाओं का सैलाब! तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ की पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपते हुए भावुक होकर रो पड़े. यह उनका भगदड़ के बाद करूर का पहला आधिकारिक दौरा था. सितंबर 2025 में विजय की TVK रैली के दौरान हुए भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी. पूरे काले कपड़ों में सजे विजय ने शोक संतप्त परिवारों को गले लगाया और खुद को संभाल नहीं पाए.
उन्होंने इस घटना को "अनहील्ड घाव" बताया, जो उनके दिल पर भारी पड़ रहा है. वीडियो में साफ दिखा कि विजय बार-बार रुककर बोलते रहे. परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस पर भरोसा किया था, लेकिन भीड़ प्रबंधन में हुई चूक की वजह से यह त्रासदी हुई. उन्होंने पिछली सरकार पर भी सवाल उठाए और DMK पर राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया.
पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं. पहले चेन्नई में परिवारों से मुलाकात कर सहायता पैकेज की घोषणा की गई थी. करूर में ₹1,700 करोड़ के फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की नींव रखी गई, जिससे करीब 13,500 नौकरियां पैदा होंगी.
मदुरै बेंच ने इस दिन ही अनुकंपा नियुक्तियों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था (हालांकि नियुक्तियां अस्थायी हैं). CM विजय का यह भावुक अंदाज राजनीति में इंसानियत की मिसाल बन गया है. पीड़ित परिवारों के चेहरे पर दर्द के साथ-साथ उम्मीद की किरण भी दिखी.