वाराणसी: UP के CM योगी आदित्यनाथ ने महादेव की नगरी काशी से शिक्षकों के लिए शानदार ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने काशी दौरे पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए इस विशेष स्वास्थ्य सेवा योजना का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान खुद अपने हाथों से कई शिक्षकों को योजना के 'कैशलेस हेल्थ कार्ड' वितरित किए। इस योजना के शुरू होने से अब शिक्षकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त इलाज का लाभ
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के हजारों सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, राजकीय विद्यालयों के स्टाफ और बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभांवित किया जाएगा। योजना के तहत पंजीकृत सभी सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को स्टेट हेल्थ कार्ड के जरिए राजकीय चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजों और सरकार द्वारा अनुबंधित (इम्पैनल्ड) निजी अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब यह है कि अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को कैश काउंटर पर कोई भुगतान नहीं करना होगा और इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
3 पॉइंट में पढ़िए, किसे कितना एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा?
स्थायी शिक्षक या कर्मचारियों को 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 1 करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
10 हजार रुपए से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख रुपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख रुपए का इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
10 हजार रुपए से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा मिलेगा।