CM Yogi's New Slogan: मंच जापान का हो या राजस्थान का, भाषण सिंगापुर में दिया गया हो या गोरखपुर में, योगी का अंदाज अब बदला-बदला सा दिखता है. वो अखिलेश यादव के उस दावे को मात देते दिख रहे हैं, जब अखिलेश तंज में कहा करते थे बाबा को अंग्रेजी नहीं आती, अब योगी अंग्रेजी बोलते ही नहीं बल्कि उसकी पूरी तुकबंदी भी करते हैं...
हिंदी के शुद्ध शब्दों की तरह अंग्रेजी की डिक्शनरी से भी शब्द निकालकर लाते हैं, लेकिन वो बाकी नेताओं की तरह वेशभूषा नहीं बदलते..और ना ही अब ये कहते हैं कि मैं मठ चला जाऊंगा, बल्कि विरोधियों को अलग अंदाज में जवाब देने लगे हैं, ऐसा लगता है जैसे वो इस बार 2027 का चुनाव 80-20 के फॉर्मूले पर नहीं बल्कि एकजुटता के फॉर्मूले पर लड़ना चाहते हैं, बंटोग तो कटोगे वाला नारा जो हिट हुआ, उसका अपग्रेडेडे वर्जन योगी ने राजस्थान की धरती से लॉन्च कर दिया है, वो कहते हैं जाति में बंटने से ही देश गुलाम हुआ था.
योगी आदित्यनाथ गुलामी के कालखंड की याद दिलाकर जनता को सिर्फ एकजुट ही नहीं कर रहे, बल्कि राजस्थान की धर्मसभा में शामिल होकर ये बता रहे हैं कि संत और सीएम दोनों की पदवी कैसे संभाली जाती है...वो राजस्थान के जालौर में धर्मसभा में शामिल होने पहुंचते हैं, दो दिनों के दौरे के दौरान योगी सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हैं, शांतिनाथ बालिका आदर्श स्कूल का दौरा करते हैं, जहां मंच पर ही बच्चे के साथ सेल्फी भी लेते हैं, बंदरों को खाना खिलाते हैं और ये संदेश देते हैं कि इंसानों को भी बंदरों की तरह लोभ से बचना होगा..
इसके अलावा भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और जौहर मेले में भी हिस्सा लेते हैं.. इसी दौरान योगी आदित्यनाथ खिलजी का जिक्र कर कहते हैं, खिलजी के खानदान में कोई नहीं बचा. उनका ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है, जिसने ये बता दिया कि योगी सत्ता के साथ-साथ सनातन और संस्कृति को संजोकर चलना अच्छी रह जानते हैं, तभी तो उनके इस अंदाज के कायल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी दिखते हैं...