नई दिल्ली: बिहार के बक्सर जिले के एक छोटे से गांव बड़का राजपुर में उस रोज सुबह कुछ ऐसा हुआ कि पूरा इलाका हक्का-बक्का रह गया. गांव के गरीब हलवाई जितेंद्र साह, जो दिन भर जलेबी-समोसे तलने में दूसरों की मदद करता है और घर चलाने के लिए कभी-कभी मजदूरी भी करता है, अचानक रातोंरात “600 करोड़ रुपये” का मालिक बन गया!
दरअसल जितेंद्र रोज की तरह सुबह अपने फिनो पेमेंट बैंक के CSP सेंटर पर 200 रुपये निकालने गया. उसका अकाउंट बैलेंस सिर्फ 478 रुपये 20 पैसे था. लेकिन जैसे ही CSP संचालक ने मिनी-स्टेटीएम से बैलेंस चेक किया, स्क्रीन पर दिखा 6,00,28,46,000 रुपये! यानी 600 करोड़ से भी ज्यादा! पहले तो दोनों को लगा कि मशीन खराब है.
दोबारा चेक किया तो वही आंकड़ा. तीसरी बार भी वही. CSP संचालक ने तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर फोन लगाया. बैंक वालों ने फौरन अकाउंट फ्रीज कर दिया और स्थानीय थाने को खबर कर दी. जितेंद्र का घर देखकर कोई यकीन नहीं कर सकता कि उसके खाते में कभी 600 करोड़ आ सकते हैं. कच्चा मकान, टीन का छप्पर, टूटी खाट और चूल्हे पर चाय बन रही थी.
उसकी पैसे को देखकर उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं. उसने खुद कहा, “सपने में भी इतना पैसा नहीं देखा. डर लग रहा था कि कहीं जेल न हो जाए.”खबर जैसे ही गांव में फैली, घर के बाहर लोगों का मेला लग गया. कोई कह रहा था “लक्ष्मी जी आई थीं”, कोई बोला “साइबर ठगों ने गलत खाता चुन लिया”. जितेंद्र खुद डर के मारे थाने पहुंच गया और सारी बात बता दी. पुलिस ने बताया कि मामला दो चीजों में से किसी एक का लग रहा है...
साइबर सेल ने पूरा ट्रांजेक्शन डेटा जब्त कर लिया है. बैंक ने साफ कहा है कि यह पैसा असली नहीं था, सिर्फ सिस्टम में गलत दिख रहा था. 10-15 मिनट बाद ही अकाउंट में फिर वही 478 रुपये रह गए.आज सुबह फिर वही पुरानी जिंदगी- जलेबी तलना, मजदूरी करना और शाम को घर लौटकर पत्नी के साथ 100-150 रुपये गिनना.
जितेंद्र हंसते हुए बोला, “अरबपति तो सिर्फ 15 मिनट बना था साहब, अब फिर वही हलवाई हूं.” फिलहाल पुलिस, बैंक और साइबर सेल तीनों मिलकर जांच कर रहे हैं कि आखिर यह “अरबों का भूत” खाते में घुसा कैसे? मामला अभी रहस्य बना हुआ है.