फर्रुखाबाद में 24 अगस्त की रात को एक बड़ा हादसा कराने की कोशिश की गई. दो युवकों ने शराब के नशे में रेलवे लाइन पर लकड़ी की नाव रख दी. हालांकि, पुलिस ने समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद के भटासा हॉल्ट के पास कुछ युवकों ने ट्रेन पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा रख दिया था. इस घटना में शामिल देव सिंह राजपूत और मोहन कश्यप नामक दो युवकों को पुलिस ने पास के गांव से गिरफ्तार किया है.
दोनों युवकों ने शराब के नशे में यह षड्यंत्र रचा था ताकि ट्रेन पलटने से वे मशहूर हो सकें. घटना के दौरान ट्रेन के चालक ने समय रहते रेलवे ट्रैक पर रखी लकड़ी को देख लिया और तुरंत ट्रेन रोक दी. इस कारण से ट्रेन लगभग 30 मिनट देरी से पहुंची. ट्रेन चालक ने तुरंत इस घटना की जानकारी जीआरपी को दी, जिसके बाद मौके पर जांच की गई. जांच के दौरान देखा गया कि घटना स्थल के पास पुराने आम के पेड़ थे, जो टूटे हुए थे.
कुछ लोगों ने टूटे हुए पेड़ से लकड़ी के टुकड़े काटकर रेलवे ट्रैक पर रख दिए थे. घटना स्थल के पास कटे हुए आम के पेड़ की लकड़ियां और शराब की एक बोतल भी मिली. फर्रुखाबाद के एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने भटासा हॉल्ट के पास रेलवे लाइन पर लकड़ी का टुकड़ा फेंका था. इस पर कासगंज से फर्रुखाबाद आ रही यात्री ट्रेन के चालक ने ट्रैक पर समय रहते लकड़ी का टुकड़ा देखा और ट्रेन रोक दी. इससे लकड़ी का टुकड़ा ट्रेन के इंजन में फंस गया था.
गौरतलब है कि यह घटना 24 अगस्त की रात करीब 11 बजे हुई जब कासगंज से फर्रुखाबाद आ रही यात्री ट्रेन भटासा हॉल्ट से 500 मीटर आगे बढ़ चुकी थी. चालक ने पटरी पर लकड़ी देखकर तुरंत ट्रेन रोक दी और पटरी से लकड़ी का टुकड़ा हटाया. इसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य फर्रुखाबाद स्टेशन पहुंची. इस घटना के कारण ट्रेन 30 मिनट की देरी से पहुंची. फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है. इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है.