नई दिल्ली:

क्या कहा था उर्वशी ने
होस्ट सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में उर्वशी ने कहा कि उर्वशी मंदिर में भक्त आते हैं, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल हैं. उन्होंने दावा किया था कि लोग उनकी तस्वीरों पर माला चढ़ाते हैं और उन्हें 'दमदमा माई' कहते हैं. उर्वशी ने कहा, "मैं गंभीर हूं. यह सच है. इस बारे में खबरें भी छपी हैं, आप पढ़ सकते हैं."

उर्वशी मंदिर का महत्व
बमनी गांव में बद्रीनाथ धाम के पास स्थित यह मंदिर देवी उर्वशी को समर्पित है न कि उर्वशी रोतैला को. मान्यता है कि यह वही जगह है जहां देवी सती के शरीर का हिस्सा गिरा था, जैसा कि विभिन्न पौराणिक कथाओं में बताया जाता है. यह मंदिर 108 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और बमनी व पांडुकेश्वर गांव के लोग इसे अपनी परंपरा के हिस्से के रूप में पूजते हैं.

पुजारियों में नाराजगी
बद्रीनाथ धाम के पूर्व धार्मिक अधिकारी और स्थानीय पुजारी भुवन चंद्र उनियाल ने उर्वशी के दावे को गलत और भ्रामक बताया. उन्होंने कहा कि उर्वशी मंदिर देवी सती से जुड़ा है, जो हिंदू पौराणिक कथाओं में पूजनीय हैं. उन्होंने उर्वशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा, "यह उनका मंदिर नहीं है. ऐसे बयान स्वीकार्य नहीं हैं. सरकार को ऐसे दावे करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए."

धार्मिक संगठनों का विरोध
ब्रह्म कपिल तीर्थ पुरोहित सोसाइटी के अध्यक्ष अमित सती ने भी उर्वशी के बयानों की निंदा की. उन्होंने कहा कि यह मंदिर प्राचीन है और देवी उर्वशी से जुड़ा है, न कि किसी व्यक्ति से. उन्होंने कहा, "ऐसे बयान यहां के लोगों की धार्मिक भावनाओं का अपमान करते हैं."

स्थानीय लोगों का गुस्सा
बमनी और पांडुकेश्वर गांव के लोगों ने भी उर्वशी के बयान पर नाराजगी जताई है. स्थानीय निवासी रामनारायण भंडारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस मंदिर पर व्यक्तिगत दावा नहीं कर सकता, क्योंकि यह पौराणिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि पूरा समुदाय उर्वशी के बयानों का कड़ा विरोध करता है.

दक्षिण में मंदिर की इच्छा
वायरल हुए उसी इंटरव्यू क्लिप में उर्वशी ने कहा था कि वह चाहती हैं कि दक्षिण भारत में भी उनके नाम पर एक मंदिर हो, क्योंकि उन्होंने वहां कई फिल्मों में काम किया है. इंटरव्यूअर ने पूछा, "तो आप दक्षिण में मंदिर चाहती हैं?" इस पर उर्वशी ने जवाब दिया, "हां, क्योंकि मैंने दक्षिण में काम किया है, तो वहां (मंदिर) होना चाहिए."