हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में विश्व हिंदू महासंघ के सह-संघ प्रभारी प्रशांत मिश्रा पर अज्ञात गुंडों ने घात लगाकर हमला बोल दिया. काली रंग की होंडा सिटी गाड़ी और मोटरसाइकिलों से आए हमलावरों ने तेज हथियारों से बौछार की तरह वार किए, जिसके चलते मिश्रा बुरी तरह घायल हो गए. उन्हें फौरन जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टर उनके घावों का इलाज कर रहे हैं.
यह भयावह घटना कोतवाली हाथरस गेट के दायरे में जलेसर मार्ग पर जैनीगढ़ी गांव के आसपास करीब 5 बजे शाम को घटी. संगठन के नेता अपने निजी कामकाज से वापस आ रहे थे, तभी अचानक काली कार और दो बाइकों पर सवार चार से पांच संदिग्ध उनके वाहन को चारों ओर से घेर बैठे. बिना किसी पूर्व चेतावनी के चाकू और कुल्हाड़ी जैसे खतरनाक सामान से उन्होंने तीखे हमले शुरू कर दिए.
मिश्रा ने जान बचाने की पूरी कोशिश की, मगर सिर, बाजू और सीने पर कई घातक चोटें लग गईं. उनकी चीखें सुनकर आसपासवासी भूले, तो गुंडे भाग निकले. स्थानीय निवासियों ने घायल को निजी सवारी से अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सकों का कहना है कि उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि जान को अब तत्काल संकट नहीं. भर्ती होते ही उनके सिर में सिलाई की गई और खून चढ़ाया गया.
खबर फैलते ही परिजन, संगठन के पदाधिकारी और सैकड़ों समर्थक अस्पताल पहुंच गए. विश्व हिंदू महासंघ के सदस्यों में आक्रोश व्याप्त है. जिला प्रमुख ने चेतावनी दी कि यह आक्रमण सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समुदाय पर किया गया है. हम सजा सुनिश्चित कराने के लिए लड़ेंगे. सूचना पाकर कोतवाली हाथरस गेट की फौज और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की यूनिट अस्पताल पर तैनात हो गई.
पीड़ित का मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें चोटों के निशान स्पष्ट थे. एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की छानबीन चल रही है और काली कार का रजिस्ट्रेशन नंबर ढूंढा जा रहा है. शुरुआती पूछताछ से लगता है कि यह सुनियोजित साजिश थी, शायद किसी पुरानी दुश्मनी से प्रेरित.पुलिस ने हत्या की कोशिश (धारा 307) और डराने-धमकाने (धारा 506) आईपीसी के उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज कर ली है.
भागे हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया गया है, साथ ही पड़ोसी जिलों को सतर्क कर दिया गया. संगठन के वफादारों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उन्होंने प्रदेश सरकार से फौरी एक्शन की गुहार लगाई. इलाके के रहवासियों का मानना है कि हाथरस में ताजा समय में अपराधों का ग्राफ ऊंचा हो गया है, और निगरानी तंत्र ढीला पड़ रहा.