नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले और युवाओं के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक घमासान छिड़ गया है। जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन अब संसद भवन और नेताओं के चौखट तक पहुँच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन और विपक्षी सांसदों की आपात बैठक हुई, जिसके बाद लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
राहुल गांधी के आवास पर जुटे सांसद, बसों की आवाजाही बढ़ी
23 जुलाई की शाम को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों का पहुंचना शुरू हो गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में रणनीति बनाने के लिए यह बैठक बुलाई गई।
इसी बीच राहुल गांधी के आवास के बाहर कई खाली बसें भी पहुंचीं, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तंज कसते हुए इसे विपक्षी दलों का 'सियासी ड्रामा' करार दिया है।
वार्ता का प्रस्ताव ठुकराया, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
CJP के नेताओं (अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका) ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार के साथ किसी बंद कमरे में या मंत्री के आवास पर वार्ता नहीं करेंगे। आशुतोष रांका ने बयान जारी कर कहा कि केंद्रीय मंत्री के घर पर कोई बैठक नहीं होगी, अगर सरकार बात करना चाहती है तो प्रतिनिधियों को जंतर-मंतर आना होगा।
इधर जंतर-मंतर पर भीड़ लगातार बढ़ रही है और प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि वे मांगे पूरी होने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं।
सुरक्षा बल मुस्तैद, 24 जुलाई को कोलकाता में भी कॉल
बीते दिनों संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। जंतर-मंतर और विजय चौक के आसपास धारा 144 और नाकेबंदी जारी है।
इसी बीच CJP ने दिल्ली के साथ-साथ आगामी 24 जुलाई को कोलकाता में भी बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान करते हुए अनुमति मांगी है।