Nashik TCS Scandal: क्या दुश्मनों ने हिंदुस्तान के खिलाफ नई तरीके की साजिशें शुरू कर दी है, पहले डॉक्टर के एक ग्रुप का पकड़ा जाना, फिर एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी के कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी होना, हिंदुस्तान के अलग-अलग शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसका पूरा कंट्रोल पाकिस्तान या दूसरे देशों में होना, क्या इशारा करता है...इन सबकी कड़ियां जोड़ें तो नासिक का मामला सिर्फ बुर्का ओढ़ाने और नमाज पढ़ाने का नहीं लगता.
बल्कि दैनिक जागरण अपनी रिपोर्ट में दावा करता है कि फरार HR मैनेजर निदा खान पहले दिल्ली में डॉ. शाहीन शाहिद से मिली थी, अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले में वहां जाकर पूछताछ कर सकती है, हालांकि अभी निदा खान फरार है.
डॉ. शाहीन शाहिद लखनऊ में पली-बढ़ी वो महिला है, जिसे पाकिस्तान में बैठे दुश्मन मसूद अजहर की बहन ने भारत में महिला विंग की कमान सौंपी थी, जो ऑपरेशन सिंदूर के बदले का नापाक मंसूबा पाले बैठा है...यहां तक कि लालकिले के पास बीते साल जो घटना हुई, उस केस की ये आरोपी भी है...अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान में बैठे दुश्मनों ने व्हाइट कॉलर नेटवर्क के बाद कॉरपोरेट नेटवर्क खड़ा करने का मंसूबा भी अख्तियार किया था, जिसका इस्तेमाल वो समय आने पर अपने तरीके से करते...क्योंकि HR निदा खान को लेकर अब तीन नए खुलासे हुए हैं...
तो सवाल है कि आखिर इसे ये ऑर्डर आ कहां से रहे थे...और क्या इसके लिए निदा खान को कोई पैसा भी मिल रहा था, इसके लिए एसआईटी की टीम बैंक अकाउंट डिटेल खंगाल रही है...खुद टाटा ग्रुप भी इस मामले को चिंताजनक बता रहा, जबकि सुप्रीम कोर्ट में वकील अश्विनी उपाध्याय ने इस मामले को लेकर याचिका दायर की है, और ये मांग की है कि ऐसी चीजों पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी किए जाएं. पर आप शायद ये जानकर दंग रह जाएं कि TCS के इस विवाद के बीच लेन्सकार्ट नाम की कंपनी के ड्रेसकोड पर भी सवाल उठने लगे हैं...
आज तक अपनी रिपोर्ट में दावा करता है कि आईवियर स्टार्टअप लेंसकार्ट की ड्रेसकोड पॉलिसी लीक हुई है, जिसमें वर्कप्लेस पर वो कर्मचारियों को हिजाब पहनने की अनुमति देता है, लेकिन बिंदी, तिलक और कलावा पहनना बैन लगाता है.
जिसे लेकर सवाल खड़े हुए तो लेंसकार्ट के संस्थापक और सीईओ पीयूष बंसल कहा नीतिगत दस्तावेज गलत था..पर सवाल यही उठ रहा है कि इस तरीके के आदेश आखिर कहां से आते हैं, इसके जारी करने पीछे क्या मकसद होता है...लेंसकार्ट का ये मामला नासिक के मामले से बिल्कुल अलग है, पर नासिक का मामला चूंकि डॉ. शाहिन से जुड़ चुका है, जिसके संबंध फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी तक से रहे, जो अब तक जांच के दायरे में हैय
इसलिए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न भी बताया जा रहा है....फिलहाल इस केस में कई आरोपी अब तक पकड़े जा चुके हैं, जबकि इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड बताई जा रही निदा खान से कानून के हाथ अभी भी दूर हैं, वो कहां छिपी है, उसे किसने शरण दिया, इन सबको लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आ पाई है, उसकी गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है...