नई दिल्ली : दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार में सीबीआई अधिकारी बनकर फर्जी छापा मारने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी पहचान पत्र, सीबीआई के लोगो वाले कपड़े और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी एजेंसी की कार्रवाई का डर दिखाते थे.
मामला 11 अगस्त की रात करीब 10 बजे का है. पुलिस के अनुसार, करीब आठ लोग छह yu पुरुष और दो महिलाएं प्रशांत विहार में कारोबारी के घर पहुंचे. सभी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र दिखाकर घर में प्रवेश करने की कोशिश की. परिवार ने उनसे सर्च वारंट और अधिकृत दस्तावेज मांगे तो कथित फर्जी अधिकारियों ने दबाव बनाने की कोशिश की. करीब डेढ़ घंटे तक वे घर के बाहर मौजूद रहे. पड़ोसियों के पहुंचने के बाद आरोपी यह कहकर वहां से निकल गए कि नोटिस उनकी गाड़ी में रखा है.
परिवार को मोबाइल पर कथित CBI नोटिस भी भेजा गया था. बाद में पुलिस को इसका स्क्रीनशॉट मिला, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी. 19 अगस्त को प्रशांत विहार थाने में FIR दर्ज की गई. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
गिरफ्तार आरोपियों में आसिफा, पूजा अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, चंदर प्रकाश शर्मा, शुभम उर्फ गोलू, राजवीर सिंह और नितिन शर्मा शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, इनके पास से आठ मोबाइल फोन, सीबीआई मोनोग्राम वाले कपड़े तथा फर्जी सरकारी पहचान पत्रों के फोटो और वीडियो मिले हैं. कुछ मोबाइल में सीबीआई, ईडी और अन्य सरकारी अधिकारियों के रूप में फर्जी रेड से जुड़े वीडियो भी मिले हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या गिरोह ने दिल्ली और मुंबई में भी इसी तरह की वारदातें की हैं.
पुलिस को शुरुआती जांच में शक है कि आरोपी पहले टारगेट की जानकारी जुटाते थे और फिर सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराते-धमकाते थे. इसके बाद पैसे या कीमती सामान हासिल करने की कोशिश की जाती थी. पुलिस अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है.